फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Sex racket runner Afaaq want to be gentlemen, was preparing for up election

सफेदपोश बनने की राह पर था आफाक, यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने की थी तैयारी 

Wed, 31 Aug 2016 01:56 PM IST
शुजात आलम/अमर उजाला, नई दिल्ली
शुजात आलम/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 31 Aug 2016 01:56 PM IST
विज्ञापन
Sex racket runner Afaaq want to be gentlemen, was preparing for up election
जीबी रोड से पकड़ा गया हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट और उनकी महंगी गाड़‌ियां - फोटो : अमर उजाला

देह व्यापार के काले धंधे से अपना साम्राज्य खड़ा करने वाला आफाक हुसैन उर्फ बाउजी सफेदपोश नेता बनने के सपने देख रहा था। पिछले कुछ समय से वह इसके लिए तैयारी भी कर रहा था। 

विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार उत्तर-प्रदेश में समाजवादी पार्टी के राज्य मंत्री के पक्ष में उसने नौंगावा अमरोहा में स्वागत के पोस्टर भी लगवाए थे। आफाक पार्टी के कई बड़े नेताओं के संपर्क में था। 
विज्ञापन


यूपी के कई बड़े नेता उसे विधानसभा का टिकट भी दिलवाने का प्रयास कर रहे थे। इसी कड़ी में आफाक ने अमरोहा व दिल्ली में कई जगहों पर त्योहारों की बधाई के पोस्टर भी लगवाना शुरू कर दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यही नहीं इसी वर्ष रमजान में उसने संभल में एक बड़ी इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था। जिसमें कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया था। वहीं संभल में गरीबों की मदद और उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने का दिखावा भी कर रहा था।

90 के दशक में काम की तलाश में आया था आफाक

Sex racket runner Afaaq want to be gentlemen, was preparing for up election
जीबी रोड सेक्स रैकेट में गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला

पुलिस के मुताबिक 90 के दशक में मुरादाबाद (अब संभल) से दिल्ली आया आफाक छोटे-मोटे काम के लिए राजधानी में आया था। यहां उसने जीबी रोड पर बढ़ई का काम शुरू किया।

इस दौरान कोठा नंबर-58 पर उसकी शायरा से मुलाकात हुई। उसने सायरा के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे सायरा ने कबूल कर लिया। 1999 में दोनों ने शादी कर एक-एक कर छह कोठे खरीद लिए। 

पुलिस के दबाव व काले धंधे की कालिख से दूर रहने के लिए दोनों जीबी रोड से दिल्ली के दूसरे स्थानों पर शिफ्ट हो गए। जामिया नगर, जैतपुर, सनलाइट कालोनी, बंगलूरू समेत यूपी के कई हिस्सों में इन लोगों ने 100 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी को इकट्ठा कर लिया। 

अब आफाक चुनाव लड़ने के सपने भी देखने लगा। पुलिस इससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

दूसरे की बेटियों से देह व्यापार, अपने बच्चे देहरादून व ऊटी में

Sex racket runner Afaaq want to be gentlemen, was preparing for up election
जीबी रोड सेक्स रैकेट में गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला

छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब दो दशक से अधिक समय से सायरा ओर आफाक देह व्यापार का काला धंधा कर रहे हैं। इन लोगों ने देश के अलावा नेपाल से करीब पांच हजार लड़कियों को इसमें धकेल दिया है। 

लेकिन कमाल की बात यह है कि इन लोगों ने अपने बच्चों को इस काले धंधे से दूर रखा है। आफाक की बड़ी बेटी बंगलूरू के एक कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। हीं उसका बेटा देहरादून में पढ़ाई कर रहा है। इसके अलावा तीसरी छोटी बेटी भी ऊटी से पढ़ाई कर रही है। परिवार उनको दिल्ली लेकर नहीं आता है। पति-पत्नी अपने बच्चों से मिलने वहीं जाते थे।


नेताओं को भी लड़कियां सप्लाई करने की आशंका
मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस बात की पूरी आशंका है कि आफाक व उसके गुर्गों ने राजधानी के सफेदपोश लोगों को भी लड़कियां सप्लाई की हैं। 

पुलिस इन लोगों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि आफाक के राजधानी के कई बड़े कारोबारियों और नेताओं से ठीक-ठाक संबंध है। यह संबंध उसने कैसे बनाए इसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

नाबालिग लड़कियों को दी जाती थी प्राथमिकता

Sex racket runner Afaaq want to be gentlemen, was preparing for up election
जीबी रोड से पकड़े गए आफाक और उसकी पत्नी - फोटो : एनडीटीवी

पुलिस की मानें तो नाबालिग लड़कियों के सौदे में दलालों को मोटी रकम मिलती थी। ग्राहक इन लड़कियों के बदले कोठा मालकिनों को मोटी रकम चुकाते थे। हालांकि शुरुआत में नाबालिग लड़कियां धंधे के लिए तैयार नहीं होती थीं। ऐसे में उनको जमकर पीटा जाता था। पुलिस से बचने के लिए इनको गुप्त तहखानों में बंद कर दिया जाता था। 

पेपर पर एक भी कोठा आफाक व सायरा के नाम नहीं
पुलिस के अनुसार 1990 में खुद देह व्यापार का धंधा करने वाली सायरा देखते ही देखते कोठे की मालकिन बन गई। 1999 में आफाक से शादी करने के बाद इन्होंने अपनी प्रॉपर्टी को बढ़ाना शुरू कर दिया। 

देखते ही देखते इन लोगों ने छह कोठे खरीद लिए। लेकिन पुलिस के बढ़ते झमेले की वजह से सायरा व आफाक ने पेपर पर सारे कोठे अपने खास-खास लोगों को बेचने का दिखावा किया। लेकिन इन कोठों की कमाई सायरा और आफाक ही लेते रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed