फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Serving Colonel arun kumar kamboj held in disproportionate asset , gets 4 years jail

आय से अधिक संपत्ति मामले में 4 साल की सजा सुनकर कोर्ट से मुंह छिपाए बाहर निकले कर्नल

Wed, 30 Aug 2017 02:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Wed, 30 Aug 2017 02:31 PM IST
विज्ञापन
 Serving Colonel arun kumar kamboj held in disproportionate asset , gets 4 years jail
कर्नल अरुण कांबोज। - फोटो : अमर उजाला

आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी करार दिए गए कर्नल अरुण कुमार कांबोज को सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को चार साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, कर्नल से बरामद संपत्ति को नीलाम करने का आदेश दिया है। 

विज्ञापन


दोषी ठहराए जाने के बाद कर्नल चेहरे को रुमाल से ढककर पुलिसकर्मियों के साथ जेल रवाना हो गए। कर्नल के परिजनों को उम्मीद थी कि मामले में उन्हें एक से तीन साल की सजा होगी।
विज्ञापन


सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक नईम राजा ने बताया कि जस्टिस अनिल कुमार झा की कोर्ट ने गत 26 अगस्त को आय से अधिक संपत्ति के मामले में सहारनपुर स्थित बहैट निवासी और चंडीगढ़ में तैनात रहे कर्नल अरुण कुमार कांबोज को दोषी करार दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने बताया कि सीबीआई अदालत से सजा की बहस के दौरान अपील की गई कि देश की सेना में तैनात रिश्वतखोर अधिकारियों  के खिलाफ सजा में कोई उदारता नहीं बरती जानी चाहिए, जबकि बचाव पक्ष के वकीलों ने कम सजा की मांग की।

ये है पूरा मामला

 Serving Colonel arun kumar kamboj held in disproportionate asset , gets 4 years jail
Colonel arun kumar kamboj

वर्ष 2001 में शिलांग में तैनाती के दौरान उन पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने का मामला आया  था। उन्होंने वर्ष 2000 तक  62 लाख से अधिक की संपत्ति पत्नी, पुत्र, ससुर और साले के नाम से अर्जित की थी।

सोर्स के आधार पर सीबीआई ने 19 जून 2001 में मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच में पता चला था कि कर्नल ने अधिकतर संपत्ति जमीन, ट्रक और ट्रैक्टर के तौर पर खरीदी थी। विवेचना के बाद वर्ष 2005 में सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया, जिसमें कर्नल अरुण के अलावा ससुर अमर सिंह और साले तेजपाल को भी आरोपी बनाया। 

मुकदमे की विवेचना के दौरान ससुर अमर सिंह की 2011 में मौत हो गई थी, जबकि तेजपाल को सीबीआई की विशेष कोर्ट ने दोष मुक्त कर दिया था। कर्नल पर सेना में ठेकेदार से सामान की खरीदारी को लेकर 75 हजार रुपये रिश्वत लेने का भी आरोप है। केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 53 गवाह पेश किए गए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed