दिल्ली में माशूका के साथ डिनर करने जा रहा था कुख्यात ड्रग्स तस्कर, तभी...
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अपनी प्रेमिका से मिलने और डिनर पर उसे बाहर ले जाने की बेताबी ने एक संदिग्ध ड्रग्स तस्कर को दिल्ली पुलिस के जाल में ला फंसाया। संदिग्ध नईम ने अपनी प्रेमिका को फोन कर रविवार को दिल्ली में डिनर का प्लान बनाया।
2 जुलाई की सुबह 10 बजे नईम ने अपने नम्बर (जो 5872 से समाप्त होता है) से दिल्ली में अपने सहयोगी राहुल को (जिसका नम्बर 1353 से समाप्त होता है)फोन कर बताया कि वह बरेली से दिल्ली के लिए निकल गया है।
दोनों व्यक्ति इस बात से अनजान थे कि दिल्ली पुलिस के विशेष सेल द्वारा दोनों के फोन पर नजर रखी जा रही है। विशेष सेल के अनुसार नईम ने अपनी प्रेमिका को बताया कि वह रविवार शाम सवा पांच से दिल्ली में है और डिनर पर मिलना चाहता है।
फोन कॉल से नईम की लोकेशन पश्चिम दिल्ली के मदिपुर की मिली। पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंची और पीरगढ़ी चौक के पास घेरा डाल दिया और दूसरी टीम मदीपुर मेट्रो स्टेशन पर तैनात थी।
हेरोइन की कीमत है लगभग 16 करोड़ रुपये
थोड़ी देर इंतजार करने के बाद टीमों को मादिपुर के पॉकेट बी जान्टा फ्लैट के आस-पास संदिग्धों की मौजूदगी को लेकर आगाह किया गया। शाम 6.30 बजे पुलिस को एक और कॉल से पता चला कि नईम ने राहुल को एक घंटे में बीकानेर स्वीट्स पर मिलने और माल की डिलीवरी लेने के लिए कहा।
निर्धारित समय पर पुलिस ने एक आदमी को एक बैग के साथ पकड़ा। पुलिस मुखबिर ने उसकी पुष्टि नईम के रूप में की। बाद में राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया। राहुल के पास से 2.5 किलो जबकि, नईम के पास से 1.5 किलो हेरोइन बरामद हुई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाली इस हेरोइन की कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये है। डीसीपी संजीव यादव का इस मामले पर कोई बयान नहीं मिल पाया।
बरेली से मिली हेरोइन
निरंतर पूछताछ पर दोनों ने बताया कि उन्हे हेरोइन बरेली से मिली। जाहिर तौर पर इसे स्थानीय अफ़ीम उत्पादन की अस्थायी प्रयोगशालाओं में निर्मित किया गया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'अफ़ीम उत्पादन की अनुमति सिर्फ दवाइयां बनाने के लिए सरकार द्वारा दी जाती है,लेकिन इसका इस्तेमाल दिल्ली एनसीआर की पार्टियों के लिए हेरोइन बनाने के लिए किया जा रहा है।'
उन्होंने आगे बताया, 'बेहरा जैसे बरेली के अन्य गांवों में अफीम को कानूनी रूप से उगाया जाता है तथा इसे सरकारी या अधिकृत फार्मास्युटिकल कंपनियों को बेचा जाता है। हालांकि, उत्पाद का एक बड़ा हिस्सा हेरोइन निर्माताओं तक पहुंच रहा है।'