बहनों की शादी की ख्वाहिश रह गई अधूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के मोती नगर इलाके में शनिवार रात नशे में धुत कार चालक ने ट्रैफिक पुलिस के सिपाही को रौंद दिया। कार चालक सिपाही को करीब 150 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया।
गंभीर हालत में सिपाही को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो सिपाही का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने कार चालक को रूट डायवर्जन के चलते सर्विस रोड से जाने के लिए कहा था।
मनाराम (26) की दिल्ली पुलिस के यातायात विभाग में शनिवार रात को जखीरा पुल के पास ड्यूटी थी। रात करीब आठ बजे शास्त्री नगर निवासी रमनकांत (28) रिट्ज कार लेकर वहां पहुंचा। उन्हें आनंद पर्वत की ओर जाना था।
तब ड्राइवर ने खो दिया आपा
ट्रैफिक डायवर्जन के चलते ड्यूटी पर तैनात मनाराम ने कार को रोक दिया और सर्विस लेन से जाने को कहा। इस बात पर ड्राइवर भिड़ गया।
उसके बाद रमनकांत ने कार को बैक कर पीछे ले गया और सर्विस लेन की ओर आए मनाराम को कार से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही मनाराम खुद को संभालने की कोशिश करते हुए कार के वाइपर को पकड़कर लटक गया।
इसके बावजूद चालक ने कार रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी। मनाराम सड़क और कार की चपेट में आकर गिर गया। कार का पहिया मनाराम के ऊपर से गुजर गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका।
दो बहनों की शादी की थी जिम्मेदारी
मनाराम के परिवार में उसके माता-पिता के अलावा दो छोटी बहनें हैं। बहनों की शादी की जिम्मेदारी मनाराम पर थी।
बेटे के दिल्ली पुलिस में भर्ती होने के बाद सबसे ज्यादा खुश होने वाले उसके पिता मनाराम की मौत के बाद गमगीन हैं। हालांकि टोडापुर में आयोजित दिल्ली पुलिस की ओर से बेटे को मिल रही सलामी से पिता गौरवांवित महसूस कर रहे थे।
इस मौके पर दिल्ली पुलिस के आयुक्त बीएस बस्सी समेत पुलिस के कई आला अधिकारियों ने नम आंखों से मनाराम को विदाई दी।
कुछ साल पहले ही ज्वाइन किया था
कार चालक के गुस्से का शिकार हुए मनाराम वर्ष 2010 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुआ था। वह भर्ती के बाद से ही दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में तैनात था।
फिलहाल उसकी तैनाती पटेल नगर सर्किल में थी। उसके साथ काम करने वाले अन्य सिपाहियों का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने एक कर्त्तव्यनिष्ठ जवान को खो दिया है।
उन लोगों ने बताया कि वह काम के प्रति काफी लगाव रखता था और काम में किसी तरह की कोताही नहीं बरतता था।