{"_id":"5964711843c495f11bd26a15cb57f6d0","slug":"policy-both-shed-1-4-million-deceived-by-retired-professor-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पॉलिसी दिलाने के बहाने रिटायर्ड प्रोफेसर से 14 लाख ठगे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पॉलिसी दिलाने के बहाने रिटायर्ड प्रोफेसर से 14 लाख ठगे
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 04 Oct 2015 01:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर चार युवकों ने एक रिटायर्ड प्रोफेसर से 90 लाख की पॉलिसी दिलाने का झांसा देकर 14 लाख रुपये ठग लिए।
ठगों ने इनमें से ज्यादातर रकम अपने अकाउंट में ऑनलाइन ट्रांसफर कराई। प्रोफेसर की शिकायत पर कविनगर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
औरेया के जनता महाविद्यालय से रिटायर्ड प्रोफेसर विवेक कुमार वर्मा सेक्टर-23 संजयनगर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि एक साल पहले उनके पास एक व्यक्ति ने कॉल की।
उसने खुद को नोएडा स्थित एक कंपनी का कर्मचारी बताकर इंश्योरेंस कराने के लिए कहा। प्लान अच्छा लगा तो प्रोफेसर ने एक इंश्योरेंस पॉलिसी करा ली।
इसके बाद विवेक को गोल्डन प्लान, वीआईपी और एनआरआई श्रेणी के ग्राहक की लिस्ट में शामिल होने के लिए चार अन्य इंश्योरेंस पॉलिसी कराने को कहा।
विवेक ने तीन अन्य इंश्योरेंस खुद के और एक बेटे की करा ली। पांचों पॉलिसी करीब 3 लाख रुपये की कराई। इसके बाद 90 लाख की रकम जल्द दिलाने का झांसा देकर ठग ने उनसे वसुंधरा की एक बैंक शाखा में करीब 11 लाख रुपये अपने दोस्त के अकाउंट में जमा करवा लिए।
विज्ञापन
इस पैसे को भी इंश्योरेंस की रकम के साथ वापस दिलाने का झांसा दिया। प्रोफेसर ने बताया कि इसके बाद भी रकम नहीं मिली। कॉल करने पर युवक बोला कि रकम लेने के लिए करीब दो लाख रुपये और जमा कराने पड़ेंगे।
इससे युवक पर शक हो गया। उसकी कंपनी के पते पर जाकर जांच की तो पता चला कि कंपनी का एड्रेस गलत था, वह एक बंद पड़ी ट्रैवेल एजेंसी का ऑफिस था। आरोपियों के मोबाइल बंद थे।
प्रोफेसर ने ठगी की शिकायत कविनगर थाने में की। एसएचओ कविनगर अशोक सिसौदिया ने बताया कि केके रस्तोगी, राजेश मेहरा, दीपक और प्रियांशु के नाम रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। चारों आरोपी नोएडा के रहने वाले हैं। नोएडा में आरोपी की तलाश में पुलिस ने दबिश दी है।
विज्ञापन
ठगों ने इनमें से ज्यादातर रकम अपने अकाउंट में ऑनलाइन ट्रांसफर कराई। प्रोफेसर की शिकायत पर कविनगर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
औरेया के जनता महाविद्यालय से रिटायर्ड प्रोफेसर विवेक कुमार वर्मा सेक्टर-23 संजयनगर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि एक साल पहले उनके पास एक व्यक्ति ने कॉल की।
विज्ञापन
उसने खुद को नोएडा स्थित एक कंपनी का कर्मचारी बताकर इंश्योरेंस कराने के लिए कहा। प्लान अच्छा लगा तो प्रोफेसर ने एक इंश्योरेंस पॉलिसी करा ली।
इसके बाद विवेक को गोल्डन प्लान, वीआईपी और एनआरआई श्रेणी के ग्राहक की लिस्ट में शामिल होने के लिए चार अन्य इंश्योरेंस पॉलिसी कराने को कहा।
विवेक ने तीन अन्य इंश्योरेंस खुद के और एक बेटे की करा ली। पांचों पॉलिसी करीब 3 लाख रुपये की कराई। इसके बाद 90 लाख की रकम जल्द दिलाने का झांसा देकर ठग ने उनसे वसुंधरा की एक बैंक शाखा में करीब 11 लाख रुपये अपने दोस्त के अकाउंट में जमा करवा लिए।
विज्ञापन
इस पैसे को भी इंश्योरेंस की रकम के साथ वापस दिलाने का झांसा दिया। प्रोफेसर ने बताया कि इसके बाद भी रकम नहीं मिली। कॉल करने पर युवक बोला कि रकम लेने के लिए करीब दो लाख रुपये और जमा कराने पड़ेंगे।
इससे युवक पर शक हो गया। उसकी कंपनी के पते पर जाकर जांच की तो पता चला कि कंपनी का एड्रेस गलत था, वह एक बंद पड़ी ट्रैवेल एजेंसी का ऑफिस था। आरोपियों के मोबाइल बंद थे।
प्रोफेसर ने ठगी की शिकायत कविनगर थाने में की। एसएचओ कविनगर अशोक सिसौदिया ने बताया कि केके रस्तोगी, राजेश मेहरा, दीपक और प्रियांशु के नाम रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। चारों आरोपी नोएडा के रहने वाले हैं। नोएडा में आरोपी की तलाश में पुलिस ने दबिश दी है।