खुलासा: 40 लाख देकर कराई थी भाई की हत्या
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दिल्ली के शकरपुर में सोमवार को ज्वेलर राकेश ठाकुर (32) की गोली मारकर हत्या करने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। सनसनीखेज वारदात को बड़े भाई राजेश ने प्रॉपर्टी हथियाने के चलते 40 लाख रुपये की सुपारी देकर करवाया था। हत्या करने के लिए एक लाख रुपये दे भी दिए गए थे।
पुलिस ने तीन सुपारी किलर को दबोचा है। इनकी पहचान मेवाला गांव, बागपत निवासी भूपेंद्र उर्फ भुप्पी (25), राजीव गार्डन लोनी निवासी अजय उर्फ विजय उर्फ सोनू (25) और खजूरी खास निवासी विनोद कुमार उर्फ छोटू (24) के रूप में हुई है। पुलिस राजेश सहित अन्यों की तलाश कर रही है।
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि सोमवार को गुरु अंगद नगर निवासी राकेश ठाकुर की कुछ बदमाशों ने उनके दरवाजे पर गोली मारकर हत्या कर दी थी।
छोटे भाई ने रचा था सारा खेल
पत्नी एकता की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने गली व चौक पर सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला कि दो बदमाश बाइक पर आए थे। इसके बाद उन्होंने बाइक यादव नर्सिंग होम के पास छोड़ी और कार में बैठकर फरार हो गए।
पुलिस कार की जांच करते हुए खजूरी खास में पार्किंग चलाने वाले विनोद तक पहुंच गई। इसके बाद अजय व भूपेंद्र को दबोच लिया गया।
विनोद ने बताया कि सारा खेल राजेश ने रचा। उसने हत्या करने के एवज में 40 लाख रुपये देने की बात कही थी। सुपारी की रकम तय होने के बाद अजय, भूपेंद्र व अन्यों को शामिल किया गया। योजना के तहत हत्या से एक दिन पूर्व रेकी की गई।
राजेश ने उसे बताया कि फ्लैट लेने का बहाने करके राकेश का दरवाजा खुलवाना है। वारदात को अंजाम देने के लिए विनोद ने पार्किंग से इयोन कार व बाइक का इंतजाम किया।
करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी का मामला
राकेश के घर पहुंचकर विनोद कार में बैठा रहा जबकि अजय व भूपेंद्र ने वारदात अंजाम दी। बाद में तीनों कार में बैठकर फरार हो गए। पुलिस ने इनके पास से कार, बाइक व कुछ रुपये बरामद किए हैं।
प्रॉपर्टी विवाद व बदले के लिए रची साजिश
राकेश के दो बड़े भाई राजेश और रमेश हैं। तीनों की सोनिया विहार और न्यू उस्मानपुर में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी है। एक पैर से अशक्त राजेश प्रॉपर्टी हड़पना चाहता था। 2009 में उसने मां की गोली मारकर हत्या कर दी थी और आरोप बड़े भाई रमेश पर लगा दिया था।
राकेश ने भाई की जमानत करा दी थी। वह पूरे केस की पैरवी भी कर रहा था। इसी बात पर राजेश को राकेश खटकता था। वह सारी प्रॉपर्टी हथियाने और राकेश से बदला लेने के लिए उसे मार देना चाहता था। योजना के तहत किसी को उस पर शक न हो इसलिए वह हत्या वाली रात को परिवार को लेकर आगरा चला गया था।