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2013 में अदालत परिसर में शूटआउट का आरोपी अरेस्ट, नागालैंड से हथियार मंगा करता था वारदात
ब्यूरो,अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sat, 30 Jun 2018 06:46 PM IST
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पुलिस की क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 व ऊंचा गांव ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए बलराज भाटी गिरोह के कुख्यात बदमाश मनोज मांगरिया, उसके भाई ललित व दो साथियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चार राइफल, एक पिस्तौल, एक कट्टा व 22 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी किसी बड़ी वारदात की फिराक में थे और उसके लिए हथियार जुटा रखे थे। पुलिस चारों को अदालत से रिमांड पर लेकर पूछताछ करने में जुटी है।
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क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 प्रभारी इंस्पेक्टर वरुण ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली थी कि मनोज मांगरिया किसी बड़ी वारदात की फिराक में है और अवैध हथियार जमा कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार को पाली बस स्टैंड के पास से मनोज व उसके भाई ललित को हिरासत में लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसके घर से चार लोडेड राइफल व उसके 20 कारतूस बरामद किए।
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पूछताछ के दौरान मनोज ने बताया कि उसके दो साथियों प्रवीण व जावेद के पास भी हथियार छिपा रखे हुए हैं। पुलिस ने उनके ठिकानों पर भी दबिश दी और उनके पास से एक पिस्तौल व कट्टा तथा उसका एक-एक कारतूस बरामद किया। पुलिस ने चारों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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सजायाफ्ता मनोज हाल ही में आया था पैरोल पर
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सजायाफ्ता मनोज हाल ही में आया था पैरोल पर
इंस्पेक्टर वरुण ने बताया मनोज मांगरिया 2013 में अदालत परिसर में हुए शूटआउट का मुख्य आरोपी था। इसने ही बलराज भाटी व रवि मुजैड़ी के साथ मिलकर गांव बदरौला निवासी शशि की हत्या की थी। इसके बाद शशि हत्या के गवाह उसके भाई व एक अन्य व्यक्ति की 2015 में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
मनोज को शशि हत्याकांड में उम्रकैद की सजा हो चुकी है और वह नीमका जेल में बंद था। पुलिस के अनुसार गत 13 जून को ही वह पैरोल पर जेल से बाहर आया था और 12 जुलाई को उसे वापस जाना था। इस दौरान अपने किसी दुश्मन को रास्ते से हटाने के लिए मनोज ने हथियार जमा करवाए थे।
नागालैंड से मंगवाए हथियार
क्राइम ब्रांच ऊंचा गांव प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि मनोज मांगरिया के पास से बरामद हथियार उसने नागालैंड से मंगवाए हैं। अब यह देखना है कि यह किसी के नाम पर वह रजिस्ट्रर्ड हैं या फिर अवैध रूप से आए हैं। पुलिस नागालैंड से यहां हथियारों के पहुंचने की भी पड़ताल कर रही है।
इंस्पेक्टर वरुण ने बताया मनोज मांगरिया 2013 में अदालत परिसर में हुए शूटआउट का मुख्य आरोपी था। इसने ही बलराज भाटी व रवि मुजैड़ी के साथ मिलकर गांव बदरौला निवासी शशि की हत्या की थी। इसके बाद शशि हत्या के गवाह उसके भाई व एक अन्य व्यक्ति की 2015 में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
मनोज को शशि हत्याकांड में उम्रकैद की सजा हो चुकी है और वह नीमका जेल में बंद था। पुलिस के अनुसार गत 13 जून को ही वह पैरोल पर जेल से बाहर आया था और 12 जुलाई को उसे वापस जाना था। इस दौरान अपने किसी दुश्मन को रास्ते से हटाने के लिए मनोज ने हथियार जमा करवाए थे।
नागालैंड से मंगवाए हथियार
क्राइम ब्रांच ऊंचा गांव प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि मनोज मांगरिया के पास से बरामद हथियार उसने नागालैंड से मंगवाए हैं। अब यह देखना है कि यह किसी के नाम पर वह रजिस्ट्रर्ड हैं या फिर अवैध रूप से आए हैं। पुलिस नागालैंड से यहां हथियारों के पहुंचने की भी पड़ताल कर रही है।