अमेरिकी महिला से रेप के दोषी साबित हुए पीपली लाइव के सह-निर्देशक
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साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने सजा पर बहस सुनने के लिए दो अगस्त की तारीख तय की है। इस मामले में दोषी को सात साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
दिल्ली पुलिस ने फारुकी के खिलाफ दुष्कर्म व धमकी देने संबंधी धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस का आरोप है कि फारुकी ने कोलंबिया विश्वविद्यालय की शोधकर्ता से सुखदेव विहार स्थित अपने घर पर 28 मार्च 2015 को दुष्कर्म किया था।
फारुकी ने दुष्कर्म के आरोप को खारिज किया था। मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने एफआईआर में देरी को एक अहम मुद्दा बनाया था। अधिवक्ता नित्या रामाकृष्णन ने अपनी दलील में कहा था कि उनके मुव्वकिल पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाया जा रहा है। उसे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।
घटना के दो महीने बाद दर्ज कराई थी एफआईआर
वह घटना के बाद अमेरिका वापस चली गई और करीब दो माह बाद एफआईआर दर्ज करवाई थी। पीड़िता ने बहस करते हुए कहा था कि यह जबरन ओरल सेक्स का मामला था।
इस घटना के बाद पीड़िता काफी डर गई थी। वह किसी तरह हिम्मत जुटाकर वापस आई और उसने एफआईआर दर्ज करवाई। बता दें कि इस मामले में अभियोजन पक्ष की गवाही 9 सितंबर 2015 को शुरू हुई थी। अदालत ने 9 अगस्त को फारुकी के खिलाफ आरोप तय किए थे।
पुलिस ने इस मामले में 19 जून 2015 को पीड़िता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने दस दिनों के भीतर जांच पूरी कर 29 जून 2015 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।