प्रॉपर्टी डीलर की हत्या करने के लिए इस शख्स ने दी थी बाउंसरों को सुपारी
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पटना के प्रॉपर्टी डीलर प्रवीण विश्वकर्मा की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच को अहम सुराग मिले हैं। आरोपी वरुण सिंह ने दिल्ली-एनसीआर के ही कुछ बाउंसरों को सुपारी देकर उसकी हत्या करवाई थी। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। वहीं वरुण सिंह के मुंबई भाग जाने की सूचना है। पुलिस उसकी भी तलाश कर रही है।
बता दें कि पटना निवासी प्रवीण ने कुछ माह पहले पटना निवासी वरुण सिंह नाम के व्यक्ति की जमीन का सौदा करवाया था। उसके बदले वरुण सिंह को डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया था।
मगर अब वह प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं करा रहा था। प्रवीण उस पर लगातार रुपये वापस करने या रजिस्ट्री कराने के लिए दबाव डाल रहा था। 29 नवंबर की शाम वरुण ने प्रवीण को पेमेंट करने के बहाने दिल्ली बुलाया। उसकी जहाज की टिकट भी कराकर दी।
दिल्ली एयरपोर्ट पर शाम को करीब 6.45 बजे पहुंचा था और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एयरपोर्ट से करीब 7.30 बजे बाहर आ गया था। 30 नंबर को तड़के प्रवीण ने अपने परिजनों को फोन करके बताया था कि कुछ लोगों ने उसे गोली मार दी और जंगल में फेंक दिया है। परिजन पुलिस के साथ जब तक उसे ढूंढते हुए सूरजकुंड-पाली रोड पर पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पार्क प्लाजा होटल में ठहरा था प्रवीण
सूत्रों के अनुसार प्रवीण ने पटना से ही सेक्टर-21सी पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने स्थित पार्क प्लाजा होटल में ऑनलाइन कमरा बुक करवाया था। एयरपोर्ट से वह पार्क प्लाजा होटल पहुंचा था।
इस दौरान रात करीब 8 से 8.30 बजे बीच उसने अपने घर पटना फोन पर बात भी की थी और बताया था कि वह ठीक ठाक पहुंच गया है। उसके बाद वह कब होटल से निकला, उसे कौन लेकर गया और उसके साथ क्या हुआ। सारा घटनाक्रम आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
प्रवीण की सीडीआर में नहीं है 100 नंबर की कॉल
पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रवीण के फोन की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) में पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर कॉल करने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। बता दें कि प्रवीण की हत्या की खबर मिलने पर यहां आए उसके रिश्तेदार रंजीत ने आरोप लगाया था कि प्रवीण ने पुलिस कंट्रोल रूम में भी फोन किया था, मगर उसकी मदद नहीं की गई। हालांकि यह भी माना जा रहा है कि प्रवीण ने फोन किया हो और कंट्रोल रूम का नंबर व्यस्त होने के कारण कॉल कनेक्ट नहीं हुई हो तो वह उसके रिकार्ड में नहीं दिखाएगा।
हत्या की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं और हम लोग हत्यारों के काफी करीब पहुंच गए हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर पूरे मामले का पटाक्षेप किया जाएगा। - अशोक कुमार, निरीक्षक प्रभारी क्राइम ब्रांच डीएलएफ