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पासवर्ड हैक कर बनाए थे करोड़पति
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 12 Jul 2015 12:53 PM IST
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रातोंरात करोड़पति बनने वाले दीनदयालपुरी के चारों आरोपियों को कविनगर पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। शामली के प्रॉपर्टी डीलर अरुण चौधरी और उससे इन लोगों को मिलवाने वाले यूनुस की तलाश में दबिश दी जा रही है।
पुलिस और बैंक सूत्रों के मुताबिक, छानबीन में पता चला है कि राठेरी शाखा के ब्रांच मैनेजर की लॉग इन आईडी और पासवर्ड हैक कर यह रकम ट्रांसफर की गई है।
दरअसल, जब भी बड़ी रकम एक ब्रांच से दूसरी ब्रांच में ट्रांसफर होती है, तो संबंधित ब्रांच का मैनेजर अपनी अधिकृत यूजर आईडी को पासवर्ड के जरिए लाग-इन कर रकम ट्रांसफर करने की अनुमति देता है।
आठ जुलाई को रकम ट्रांसफर हुई है, इस दिन राठेरी शाखा के ब्रांच मैनेजर छुट्टी पर थे। बैंक सूत्रों के मुताबिक बैंक मैनेजर की लाग-इन आईडी और पासवर्ड को हैक कर रकम ट्रांसफर की अनुमति दी गई।
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पूरे मामले में खास बात यह है कि यह रकम बैंक के ऑफिस खाते (सस्पेंस एकाउंट) की थी। लिहाजा बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना ये संभव नहीं लगता।
एसएचओ अशोक सिसौदिया का कहना है कि संदेह है कि आरोपी जिसका नाम अरुण और यूनुस बता रहे हैं, उनके असल नाम कुछ और भी हो सकते हैं।
पैसा बैंक का था या खाताधारक का, जांच जारी
सस्पेंस एकाउंट यानी उचन्त खाता बैंक का ऑफिस खाता होता है। यानी इस खाते में पड़ी रकम का मालिकाना हक तय नहीं होता।
रकम बैंक या ग्राहक किसी की भी हो सकती है। अकाउंट की स्थिति क्लीअर होते ही रकम खाते में विधिवत ट्रांसफर कर दी जाती है।
ये है मामला
दीनदयालपुरी की रहने वाली दो महिलाओं समेत तीन लोगों के संजयनगर सेक्टर-23 स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक अकाउंट में अज्ञात स्रोत से 99-99 लाख रुपये (2.97 करोड़) आ गए थे।
यह धनराशि सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की मुजफ्फरनगर की राठेरी शाखा से ट्रांसफर की गई थी। धनराशि क्रेडिट ट्रांसफर के जरिए अकाउंट में आई थी।
बैंकवालों को शक हुआ तो उन्होंने शुक्रवार को चेक बुक इश्यू कराने आईं दो महिलाओं समेत चार लोगों को पकड़कर कविनगर पुलिस के सुपुर्द कर दिया था।
बैंक प्रबंधक ने तीनों के खाते सीज कर धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपियों में सीमा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है। शोभा घरेलू महिला है, पति पूर्णमासी है। चौथा आरोपी खूब लाल परचून की दुकान करता है।
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पुलिस और बैंक सूत्रों के मुताबिक, छानबीन में पता चला है कि राठेरी शाखा के ब्रांच मैनेजर की लॉग इन आईडी और पासवर्ड हैक कर यह रकम ट्रांसफर की गई है।
दरअसल, जब भी बड़ी रकम एक ब्रांच से दूसरी ब्रांच में ट्रांसफर होती है, तो संबंधित ब्रांच का मैनेजर अपनी अधिकृत यूजर आईडी को पासवर्ड के जरिए लाग-इन कर रकम ट्रांसफर करने की अनुमति देता है।
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आठ जुलाई को रकम ट्रांसफर हुई है, इस दिन राठेरी शाखा के ब्रांच मैनेजर छुट्टी पर थे। बैंक सूत्रों के मुताबिक बैंक मैनेजर की लाग-इन आईडी और पासवर्ड को हैक कर रकम ट्रांसफर की अनुमति दी गई।
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पूरे मामले में खास बात यह है कि यह रकम बैंक के ऑफिस खाते (सस्पेंस एकाउंट) की थी। लिहाजा बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना ये संभव नहीं लगता।
एसएचओ अशोक सिसौदिया का कहना है कि संदेह है कि आरोपी जिसका नाम अरुण और यूनुस बता रहे हैं, उनके असल नाम कुछ और भी हो सकते हैं।
पैसा बैंक का था या खाताधारक का, जांच जारी
सस्पेंस एकाउंट यानी उचन्त खाता बैंक का ऑफिस खाता होता है। यानी इस खाते में पड़ी रकम का मालिकाना हक तय नहीं होता।
रकम बैंक या ग्राहक किसी की भी हो सकती है। अकाउंट की स्थिति क्लीअर होते ही रकम खाते में विधिवत ट्रांसफर कर दी जाती है।
ये है मामला
दीनदयालपुरी की रहने वाली दो महिलाओं समेत तीन लोगों के संजयनगर सेक्टर-23 स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक अकाउंट में अज्ञात स्रोत से 99-99 लाख रुपये (2.97 करोड़) आ गए थे।
यह धनराशि सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की मुजफ्फरनगर की राठेरी शाखा से ट्रांसफर की गई थी। धनराशि क्रेडिट ट्रांसफर के जरिए अकाउंट में आई थी।
बैंकवालों को शक हुआ तो उन्होंने शुक्रवार को चेक बुक इश्यू कराने आईं दो महिलाओं समेत चार लोगों को पकड़कर कविनगर पुलिस के सुपुर्द कर दिया था।
बैंक प्रबंधक ने तीनों के खाते सीज कर धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपियों में सीमा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है। शोभा घरेलू महिला है, पति पूर्णमासी है। चौथा आरोपी खूब लाल परचून की दुकान करता है।