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किडनी रैकेट केसः बेटे के ऑपरेशन के लिए मां-बाप ने बेच दी किडनी

Wed, 08 Jun 2016 02:50 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 08 Jun 2016 02:50 PM IST
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parents sold their kidneys to pay debts
किड़नी रैकेट - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली के नामचीन अपोलो अस्पताल के किडनी रैकेट मामले में गिरफ्तार किए गए पति-पत्नी ने पुलिस की पूछताछ में एक बड़ा राज खोला है।

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उसने बताया कि बताया कि दोनों ने कर्ज लिया था जिसे चुकाने के लिए अपनी किडनी बेची। नीलू और उमेश नाम ने ये कर्ज अपने बेटे के पांव के ऑपरेशन के लिए लिया था।
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पत्नी नील को किडनी बेचने के लिए 41 लाख और पति उमेश को उसकी किडनी के बदले 31 लाख मिले थे। इस मामले में अभी तक कुल 9 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इसमें इस रैकेट का मास्टरमाइंड टी. राजकुमार राव भी है।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पहले गिरफ्तार पांच लोगों से पूछताछ के बाद इन तीनों की गिरफ्तारी हुई है जिनके नामों का पुलिस ने अभी तक खुलासा नहीं किया है।

रैकेट का सरगना हुआ ग‌िरफ्तार

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किड़नी रैकेट - फोटो : अमर उजाला

किडनी रैकेट के सरगना राजकुमार को दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया। उधर, सरिता विहार थाना पुलिस ने तीन डोनर को भी गिरफ्तार किया गया है।

इनमें पति-पत्नी और एक अन्य महिला है। दंपति कानपुर के रहने वाले हैं। एम्स में कराई गई मेडिकल जांच में ये बात सामने आई है कि तीनों ने किडनी दी थी। पुलिस ने तीनों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में दबिश देकर किडनी रैकेट के सरगना राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया है।

उसकी गिरफ्तारी से अपोलो किडनी रैकेट मामले में अहम खुलासे होने की उम्मीद है। उधर किडनी कांड सामने आने के बाद पुलिस ने रतनपुर, कानपुर निवासी उमेश श्रीवास्तव व उसकी पत्नी नीलू श्रीवास्तव और सिलीगुड़ी की मोमिता मौलिक को पकड़ लिया था।

लाखों में बेची गई क‌िडनी

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किड़नी रैकेट - फोटो : अमर उजाला

मेडिकल जांच में जब ये बात सामने आई कि उन्होंने किडनी दी है तो कानूनी सलाह के बाद  पुलिस ने उन्हें मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि उमेश व नीलू से किडनी देने के लिए सत्यप्रकाश उर्फ आशू ने संपर्क किया था।

उमेश ने गाजियाबाद के आशुतोष गौतम, नीलू ने आरएस सेक्टर, जम्मू कश्मीर के जियालाल गुप्ता और मोमिता ने जयपुर के पुष्पेंद्र कोठावाला को किडनी दी थी।

दलालों ने उमेश की किडनी के एवज में 24 लाख, नीलू की किडनी के एवज में 32 लाख और मोमिता की किडनी की एवज में 25 लाख लिए थे। दलालों ने उमेश को साढ़े तीन लाख, नीलू को साढ़े चार लाख और मोमिता को साढ़े चार लाख रुपये दिए थे।

दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार किडनी प्राप्तकर्ताओं से पूछताछ करने के लिए पुलिस उनके पास गई है। गाजियाबाद निवासी आशुतोष गौतम अपने घर से गायब है। पुलिस ने उसे  पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा है।

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