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OTP पूछकर निकाल लिए 30 लाख रुपये

Thu, 20 Nov 2014 02:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 20 Nov 2014 02:32 AM IST
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OTP asking out Rs 30 lakh.

नोएडा साइबर क्राइम सेल ने तीन हैकर और दो दुकानदारों को गिरफ्तार किया है। ये पहले तो इंटरनेट से कंज्यूमर फोरम की वेबसाइट पर पड़ी शिकायतों का डाटा लेते थे। फिर पीड़ितों की शिकायतों को दूर करने का भरोसा देकर उनसे ऑनलाइन फॉर्म भरवा लेते थे।

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इसके बाद ये मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड पूछकर उनके खाते से रुपये निकाल लेते थे। बुधवार को एसपी क्राइम सुनीता सिंह ने साइबर सेल सेक्टर-20 में प्रेसवार्ता कर इनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी।
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क्राइम सेल निरीक्षक प्रभारी धर्मेश कुमार शाही ने बताया कि अपूर्व राजन निवासी वाई-7, सेक्टर-12 ने शिकायत दी थी कि 22 अक्तूबर को उनके आईसीआईसीआई बैंक के खाते से दस हजार रुपये पे-टीएम रिचार्ज के नाम पर निकाल लिए गए हैं।
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कंपनी से रिचार्ज नंबर व आईपी एड्रेस लेकर साइबर टीम ने जांच की तो पता विजय नगर गाजियाबाद का निकला। इसके बाद टीम ने संजय (35 ) व वरुण (25) निवासी एडवोकेट कॉलोनी, प्रताप विहार, गाजियाबाद को पकड़ा। दोनों आरोपी पे-टीएम, मोबीक्विक, वैल्यू रिचार्ज के जरिये रकम निकाल लेते थे।

इनकी निशानदेही पर पुनीत चतुर्वेदी (22) निवासी ए-157 सेक्टर-9, विजय नगर, गाजियाबाद व अंशु तोमर (21) निवासी सेक्टर-9, विजय नगर, गाजियाबाद और हरेंद्र प्रताप सिंह निवासी सम्राट चौक, विजय नगर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से तीन लैपटॉप, नौ मोबाइल, चारसिम कार्ड, एक एटीएम व एक डोंगल बरामद हुआ है। अंशु तोमर और हरेंद्र प्रताप सिंह मूलरूप से बुलंदशहर के रहने वाले हैं।

कैसे करते थे हैकिंग
पुनीत और अंशु नेशनल कंज्यूमर फोरम की वेबसाइट पर डाटा कॉपी कर शिकायतकर्ता की लिस्ट निकालते थे। इसके बाद हरेंद्र शिकायतकर्ता से मैनेजर बनकर अपनी वेबसाइट पर एक ऑनलाइन फार्म भरवाता था, जिससे वे लोगों का डाटा चोरी कर लेते थे। इसके बाद वे लोगों से एटीएम के ओटीपी की जानकारी लेकर उनके रुपये पे-टीएम, मोबीक्विक व वैल्यू रिचार्ज के जरिये मोबाइल में डलवा लेते थे। इस रिचार्ज वैल्यू को वे 20 फीसदी छूट पर दुकानदार संजय व वरुण को बेच देते थे।


दस माह से कर रहे थे जालसाजी
आरोपियों ने बताया कि वे करीब दस माह से इस धोखाधड़ी के काम में लिप्त थे। अब तक 200 लोगों को अपना शिकार बनाकर लगभग तीस लाख रुपये की ठगी कर चुके हैं।

नौकरी नहीं लगी तो शुरू की धोखाधड़ी
ठगी में गिरफ्तार पुनीत चतुर्वेदी एमसीए कर चुका है। वहीं, पुनीत ने भी बीसीए किया हुआ है। हरेंद्र ने लखनऊ से एमसीए की पढ़ाई की है। तीनों युवकों के बारे में जानकारी मिली कि पढ़ाई के बाद जब इनको नौकरी नहीं मिली तो इस धंधे में जुट गए। वहीं, संजय व वरुण कम पढ़े हुए हैं, जो मोबाइल रिचार्ज की दुकान करते हैं।

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