फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   noida adesh fraudster of millions in bike boat case by fake cheque arrested going to sanjay bhati

संजय भाटी से जेल में मिलने जा रहा आदेश गिरफ्तार, नकली चेक से किया अरबों का बाइक बोट फर्जीवाड़ा

Mon, 22 Jul 2019 10:01 AM IST
पूजा त्रिपाठी जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Mon, 22 Jul 2019 10:01 AM IST
विज्ञापन
noida adesh fraudster of millions in bike boat case by fake cheque arrested going to sanjay bhati
आदेश भाटी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

अरबों के बाइक बोट फर्जीवाड़े में मुख्य आरोपी संजय भाटी का सहयोग करने वाले आदेश भाटी को आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी शीलेश कुमार यादव और ईकोटेक-1 थाना प्रभारी मुकेश कुमार की टीम ने गिरफ्तार किया है।

विज्ञापन


आदेश भाटी लुकसर स्थित जिला कारागार में बंद संजय भाटी से मिलने जा रहा था। आदेश भाटी संजय भाटी का चाचा बताया जा रहा है। पुलिस ने उससे फर्जीवाड़े के संबंध में पूछताछ कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने फर्जीवाड़े में करीब 50 लाख कमाए हैं। आरोपी संजय भाटी के गांव चीती का निवासी है। 
विज्ञापन


पुलिस के मुताबिक शनिवार को सूचना मिली थी कि बाइक बोट फर्जीवाड़े में नामजद आदेश भाटी लुकसर स्थित जेल में संजय भाटी से मिलने जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने आरोपी को भाटी चौक से हिरासत में ले लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि फर्जीवाड़े में आदेश भाटी संजय भाटी की मदद करता था। आरोपी का निवेशकों को झांसा देकर रकम लगवाने में योगदान रहा है। आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

अब, इस फर्जीवाड़े में संजय भाटी, विजय कसाना, राजेश भारद्वाज और आदेश भाटी कुल चार आरोपी जेल पहुंच चुके हैं। तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबकि संजय भाटी आत्मसमर्पण कर जेल पहुंचा है।

आदेश ने खेला था अरबों के फर्जीवाड़े में फर्जी चेक का खेल 

अरबों के बाइक बोट फर्जीवाड़े में जेल भेजे गए आदेश भाटी ने निवेशकों की किस्त बंद होने और संजय भाटी के फरार होने के बाद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आदेश भाटी ने संजय भाटी व अन्य आरोपियों के इशारे पर निवेशकों को पोस्टडेटेड चेक दिए थे। बड़ी संख्या में निवेशक व चेक होने के कारण इस काम के लिए उसने अपने गांव के कुछ लड़कों को भी लगाया था। 

इसके बाद करनपाल नाम से चेक पर हस्ताक्षर कराकर चेक पोस्ट के जरिये भी निवेशकों को भेजे गए थे। करोड़ों रुपये के चेक हस्ताक्षर गलत होने व खाते में रकम न होने के कारण बाउंस हो गए थे।

निवेशक दीपक चौधरी ने बताया कि अक्तूबर-नवंबर 2018 में बाइक बोट कंपनी ने निवेशकों के खाते में किस्त देनी बंद कर दी थी। इसके बाद निवेशकों में अफरातफरी मच गई थी और वह रुपया डूबने के डर से कंपनी के पदाधिकारियों पर रुपया लौटाने या फिर किस्त चालू करने का दबाव बनाने लगे थे।

इस दौरान संजय भाटी फरार हो गया था। वह केवल सोशल मीडिया व वॉइस रिकार्डिंग के माध्यम से ही निवेशकों को ढांढस बंधा रहा था। इस दौरान कोट गांव स्थित बाइक बोट के मुख्यालय की कमान आदेश भाटी ने संभाल ली थी। वह यहां आने वाले निवेशकों को पोस्ट डेटेड चेक देकर उनका रुपया सुरक्षित होने का दावा करता था। 

आदेश भाटी के साथ ही रहते थे निवेशकों को डराने वाले बाउंसर 

निवेशकों की किस्त बंद होने के बाद प्रतिदिन बड़ी तादाद में निवेशकों कोट गांव स्थित दफ्तर पर पहुंचते थे। वह अगर हंगामा करते या फिर दबाव बनाते थे। तो उनसे निपटने के लिए आदेश भाटी अपने साथ बाउंसर रखता था। निवेशक लगातार इसकी शिकायत भी करते थे। 

सीबीआई जांच के लिए तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
दादरी। कोट गांव स्थित बाइक बोट दफ्तर परिसर में कई दिनों से आमरण अनशन पर बैठे 21 निवेशकों से बात करने रविवार को दादरी तहसीलदार एपी सिंह पहुंचे। निवेशकों ने उन्हें मुख्यमंत्री संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें निवेशकों ने फर्जीवाड़े की जांच सीबाआई से कराने और अन्य फरार आरोपियों करनपाल, बीएन तिवारी आदि की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में कुछ अन्य संदिग्धों से पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि मामले में जल्द ही और भी गिरफ्तारी हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed