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हफ्ते में दो बार सुप्रीम कोर्ट में होगी निर्भया गैंगरेप मामले की सुनवाई

Tue, 12 Jul 2016 06:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 12 Jul 2016 06:55 AM IST
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Nirbhaya rape case hearing in the Supreme Court, the victim's mother also became a party
सुप्रीम कोर्ट
निर्भया गैंगरेप एवं हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब हर सोमवार और शुक्रवार करने का निर्णय लिया है। इतना ही नहीं इस मामले को जल्द से जल्द निपटाने के लिए शीर्ष अदालत ने दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक सुनवाई काने का निर्णय लिया है यानी निर्धारित समय से दो घंटे अधिक। 
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सोमवार को इस मामले पर सुनवाई होनी थी। लेकिन अमाइक्स क्यूरी (न्याय मित्र) ने बहस केलिए समय मांगा, जिसे न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने स्वीकार कर लिया है।
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अब पीठ ने 18 जुलाई से हर सोमवार और शुक्रवार को दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक इस मामले पर सुनवाई करने का निर्णय लिया है। साथ ही पीठ ने पीड़िता की मां के उस आवेदन को भी स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने इस मामले में पक्षकार बनाने की गुहार की थी।
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दोषियों ने खटखटाया था सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

Nirbhaya rape case hearing in the Supreme Court, the victim's mother also became a party
निर्भया कांड का दोषी

मालूम हो कि गत आठ अप्रैल को हुई सुनवाई में शीर्ष अदालत ने इस मामले में वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन और संजय हेगडे को अमाइक्स क्यूरी नियुक्त किया था। 

राजू रामचंद्रन दोषी मुकेश और पवन की ओर से पैरवी करेंगे जबकि संजय हेगडे विनय और अक्षय केलिए पैरवी करेंगे। पीठ ने अमाइक्स क्यूरी नियुक्त करते हुए कहा था कि यह मामला गंभीर है लिहाजा हमें इसे लेकर फिक्रमंद है। 

हम इस मामले में किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं करना चाहते। पीठ ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि इस मामले में पहले मुकेश और पवन के वकील एमएल शर्मा जिरह करेंगे जबकि दो अन्य दोषियों के लिए वकील एपी सिंह जिरह करेंगे। 

इसके बाद दोनों अमाइकस क्यूरी दलीलें पेश करेंगे। इन चारों को निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे दिल्ली हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था। जिसके बाद दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने उनकी फांसी पर रोक लगा रखी है। 

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