हफ्ते में दो बार सुप्रीम कोर्ट में होगी निर्भया गैंगरेप मामले की सुनवाई
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सोमवार को इस मामले पर सुनवाई होनी थी। लेकिन अमाइक्स क्यूरी (न्याय मित्र) ने बहस केलिए समय मांगा, जिसे न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने स्वीकार कर लिया है।
अब पीठ ने 18 जुलाई से हर सोमवार और शुक्रवार को दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक इस मामले पर सुनवाई करने का निर्णय लिया है। साथ ही पीठ ने पीड़िता की मां के उस आवेदन को भी स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने इस मामले में पक्षकार बनाने की गुहार की थी।
दोषियों ने खटखटाया था सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
मालूम हो कि गत आठ अप्रैल को हुई सुनवाई में शीर्ष अदालत ने इस मामले में वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन और संजय हेगडे को अमाइक्स क्यूरी नियुक्त किया था।
राजू रामचंद्रन दोषी मुकेश और पवन की ओर से पैरवी करेंगे जबकि संजय हेगडे विनय और अक्षय केलिए पैरवी करेंगे। पीठ ने अमाइक्स क्यूरी नियुक्त करते हुए कहा था कि यह मामला गंभीर है लिहाजा हमें इसे लेकर फिक्रमंद है।
हम इस मामले में किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं करना चाहते। पीठ ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि इस मामले में पहले मुकेश और पवन के वकील एमएल शर्मा जिरह करेंगे जबकि दो अन्य दोषियों के लिए वकील एपी सिंह जिरह करेंगे।
इसके बाद दोनों अमाइकस क्यूरी दलीलें पेश करेंगे। इन चारों को निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे दिल्ली हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था। जिसके बाद दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने उनकी फांसी पर रोक लगा रखी है।