मां-बेटी गैंगरेप: बुलंदशहर SSP को सीएम अखिलेश ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
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बुलंदशहर में हाईवे पर हुए मां-बेटी गैंगरेप मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए बुलंदशहर के एसएसपी को अल्टीमेटम देते हुए 24 घंटे के अदंर इसे सुलझाने का आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री ने अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करने को कहा है। इस मामले पर यूपी पुलिस की भूमिका पर भी सख्त होते हुए सीएम ने कहा कि दोषी पुलिस वालों के खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाही होगी।
यूपी डीजीपी जावीद अहमद ने बताया कि तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है। डीजीपी ने बताया कि आरोपियों में से एक बठिंडा का दूसरा बुलंदशहर और तीसरा आरोपी फरीदाबाद का है।
इससे पहले रविवार को दिल्ली - कानपुर हाईवे ( एनएच-91) पर मां-बेटी गैंगरेप मामले के गैंगरेप मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 15 लोगों को हिरासत में लिया है। घटना के मुख्य आरोपी की पहचान का भी दावा किया जा रहा है।
इस मामले में हुई चूक की गाज सीओ सिटी हिमांशु गौरव पर भी गिरी है। तत्काल प्रभाव से उनका ट्रांसफर कर दिया गया है। बता दें कि पहले ही इस मामले से जुड़े दो पुलिसवालों को सस्पेंड किया गया था।
पुलिस को शक है कि वारदात को अंजाम देने वाला गिरोह आप-पास के इलाके में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय है और इस तरह की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। सूत्रों के मुताबिक इलाके में इसे एक्सल गैंग के नाम जाना जाता है जो साइकिल की फ्रीव्हील फेंककर लोगों को अपने जाल में फंसाता है।
मालूम हो कि शुक्रवार रात को हुई घटना में भी इस गैंग ने फ्रीव्हील फेंककर कार रुकवाने के बाद नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे परिवार को बंधक बनाकर 11 हजार नगदी और जेवर लूट लिए थे। साथ ही मां और बेटी को खेत में खींचकर उनके साथ गैंगरेप किया।
चार घंटे तक हाईवे किनारे कहर ढहाने के बाद लुटेरे भाग गए। सूचना पर पहुंचीं डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने पीड़ित परिवार से पूछताछ की। एसएसपी ने देहात कोतवाल रामसेन सिंह और नाइट ड्यूटी अफसर ललित कुमार को सस्पेंड कर दिया।
जिला शाहजहांपुर के एक गांव निवासी दो भाई नोएडा में परिवार सहित रहते हैं। एक भाई ड्राइवर और दूसरा एक निजी कंपनी में गार्डहै। बड़े भाई ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि 10 दिन पहले दादी का बीमारी के चलते देहांत हो गया था। तेरहवीं में शरीक होने के लिए वे लोग परिवार सहित गांव जा रहे थे।
गाड़ी में सवार थे छह लोग
एसेंट कार में दोनों भाई, दोनों की पत्नी, छोटे भाई की 13 वर्षीय बेटी और बड़े भाई का 10 वर्षीय बेटा समेत छह लोग थे। छोटा भाई कार चला रहा था। शुक्रवार रात करीब 10 बजे नोएडा से शाहजहांपुर के लिए चले थे।
रात करीब 11:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-91 पर दोस्तपुर गांव के पास फ्लाईओवर पर अचानक टायर फटने की आवाज हुई। इस पर वह कार रोककर टायर चेक करने लगे । इस बीच 6-7 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया।
बदमाश कार समेत परिवार को अंडरपास तक ले गए। दोनों भाइयों और 10 वर्षीय लड़के को कार के पास बंधक बना दिया। दरिंदे दोनों महिलाओं और नाबालिग लड़की को खेत में खींचकर ले गए।
वहां चार लोगों ने कम उम्र की महिला और उसकी बेटी के साथ गैंग रेप किया, जबकि दो-तीन लोग कार को घेरे खड़े रहे। उम्रदराज महिला ने इसका विरोध किया तो उसे जमकर पीटा। दरिंदे शनिवार सुबह करीब चार बजे नगदी और जेवर लूट कर भाग गए।
लापरवाही बरतने वाला पुलिस अधिकारी सस्पेंड
सुबह सूचना पर पहुंची देहात पुलिस ने अधिकारियों को जानकारी दी। डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने पीड़ित परिवार से पूछताछ की। लापरवाही सामने आने पर एसएसपी ने कोतवाली देहात के प्रभारी रामसेन सिंह और नाइट ड्यूटी अफसर ललित कुमार को सस्पेंड कर दिया है।
सीओ हिमांशु कुमार के खिलाफ डिपार्टमेंटल जांच बैठा दी गई है। डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने कहा यह जांच गाजियाबाद के एसपी ( क्राइम ) करेंगे। लक्ष्मी सिंह के मुताबिक इस वारदात के पीछे राजस्थान के हनुमान गढ़ में रहनेवाले एक जनजाति के लोगों का हो सकता है।
उन्होंने कहा कि आरोपियों का हुलिया अलीगढ़ के गवाना के कुछ गिरोहों से भी मेल खाता है। उन्होंने कहा छह टीमें बनाई गई है। एक टीम अलीगढ़ भी भेजी गई है। लक्ष्मी सिंह ने बताया कि पीड़ितों को कुछ अपराधियों की फोटो दिखाए गए। उनमें से कुछ की उन्होंने पहचान की है।
पीड़ित पक्ष की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वारदात के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित कर दी हैं। जल्द ही आरोपियों को पकड़कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही के चलते इंस्पेक्टर रामसेन सिंह और ललित कुमार को सस्पेंड कर दिया है। - वैभव कृष्ण-एसएसपी
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