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बैंक की लापरवाही से इंजीनियर के खाते से निकाले 25 लाख रुपये

Wed, 30 Aug 2017 09:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Wed, 30 Aug 2017 09:39 AM IST
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 money withdrawn by engineer bank account
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बैंक की लापरवाही से अमरीका में तैनात सॉफ्टवेयर इंजीनियर के खाते से 25 लाख 12 हजार रुपये निकल गए। मुंबई में बैठे आरोपी ने बैंक के सेल्स विभाग केएक कर्मचारी से सांठगांठ कर सॉफ्टवेयर इंजीनियर केखाते में सेंध लगाई। आरोपी ने ये रकम तीन शहर के अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की है। मुंबई से जांच कर लौटी साइबर सेल को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।

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फर्जी ट्रांजेक्शन की ये वारदात मूलरूप से भुलहवा झरमुई चौतरवा जिला पश्चिम चंपारण बिहार निवासी मोहम्मद अमानुल्लाह के साथ हुई है। अमानुल्लाह वर्ष 2008 से एचसीएल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वह पहले नोएडा में कार्यरत थे। दो साल से वह अमरीका में हैं। उनका सेक्टर-1 स्थित आईसीआईसीआई बैंक में सैलरी अकाउंट है। अमानुल्लाह के विदेश में होने के कारण उनके बड़े भाई एहसानुल्लाह ने थाना सेक्टर-20 में फर्जीवाड़े की एफआईआर दर्ज कराई थी। फिलहाल केस की जांच साइबर क्राइम सेल के पास है।
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एहसानुल्लाह ने बताया कि 24 जनवरी 2017 से 30 जनवरी 2017 के बीच उनके भाई के खाते से 25 लाख 12 रुपये का फर्जी ट्रांजेक्शन कर खाता खाली कर दिया गया। इसमें से 11 लाख 40 हजार रुपये तीन बैंक खातों में छह बार में ट्रांसफर किए गए थे। इसके अलावा 13 लाख 72 हजार रुपये का बिल भुगतान किया गया था। 
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इसका पता उनके भाई को एक फरवरी 2017 को चला। इसके बाद उन्होंने मामले में बैंक, आरबीआई, वित्त मंत्रालय और यूपी सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी। बैंक लगभग दो माह तक उन्हें जांच के नाम पर टरकाती रही। अन्य संस्थाओं से भी उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, इसके बाद उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई।

मलार्ड ईस्ट स्थित बैंक से हुआ खेल
मुंबई से जांच कर लौटे साइबर क्राइम सेल प्रभारी निरीक्षक विवेक रंजन राय ने बताया कि अमानुल्लाह के बैंक खाते से मोबाइल नंबर मुंबई की मलार्ड ईस्ट स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा से बदलवाया गया था। समीर जिलानी खां नाम के एक शख्स ने इसके लिए बैंक को एक फॉर्म भरकर दिया था। 

समीर ने बैंक के सेल्स विभाग में तैनात नितिन नाम के कर्मचारी से सांठगांठ की। नितिन को उसका टॉरगेट पूरा कराने का लालच दिया गया था। इसके बाद नितिन ने समीर द्वारा मोबाइल नंबर बदलने के लिए दिए गए फॉर्म के आधार पर अमानुल्लाह के खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदला दिया। इससे अमानुल्लाह को बैंक से एसएमएस अलर्ट मिलने बंद हो गए और समीर ने उसके नेट बैंकिंग का पासवर्ड रीसेट कर खातों में सेंध लगानी शुरू कर दी।

कांदिवली वेस्ट में हुई थी मुलाकात
पुलिस के अनुसार बैंक कर्मचारी नितिन और आरोपी समीर जिलानी खां की मुलाकात कांदिवली वेस्ट में हुई थी। दोनों कई बार इस इलाके में मिले थे। समीर नितिन को मुलाकात के लिए यहां बुलाता था, ताकि वह उसका भरोसा जीत सके। कांदिवली वेस्ट में ही समीर ने नितिन को मोबाइल नंबर बदलने के लिए फॉर्म भरकर दिया था। नितिन ने पूछताछ में बताया है कि समीर ने फॉर्म देते वक्त उसे ये नहीं बताया था कि वह किसी और के खाते से मोबाइल नंबर बदलने के लिए फॉर्म दे रहा। नितिन ने फॉर्म में दर्ज खाता नंबर देखे बिना बैंक में उस व्यक्ति को फॉर्म दे दिया, जिसके पास नंबर बदलने का अधिकारी था। उसने नितिन पर भरोसा कर बिना सत्यापन किए मोबाइल नंबर बदल दिया।


बैंक फ्रॉड का पेशेवर अपराधी है समीर जिलानी
पुलिस को संदेह है कि समीर जिलानी खां बैंक फ्रॉड का पेशेवर अपराधी हो सकता है। उसके संबंध में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस केस में नितिन की क्या भूमिका है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

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