प्रेमी को ढूंढ़ते-ढूंढ़ते चली गई इज्जत
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अपने प्यार की तलाश में दिल्ली से भागकर गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंची 15 साल की एक किशोरी जिस्मफरोशी कराने वाले गैंग के हत्थे चढ़ गई। गैंग की महिला ने किशोरी को इलाहाबाद लाकर कानपुर के एक परिवार को बेच दिया।
कानपुर में आरोपी परिवार के एक युवक ने किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाया। किसी तरह किशोरी ने अपने प्रेमी को फोन कर घटना की जानकारी दी। तब मामला पुलिस तक पहुंचा और आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी।
पुलिस के मुताबिक पीड़िता सपना (15)(बदला हुआ नाम) सपरिवार रूप नगर इलाके में रहती है। उसकी नांगलोई के रहने वाले 20 वर्षीय एक युवक से पहचान थी। दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे।
15 मई को भागी थी घर छोड़ के
15 मई को युवक राजधानी छोड़कर गोरखपुर अपने गांव चला गया। सपना को इसका पता चला तो वह उसकी तलाश करते हुए दो दिन बाद ही गोरखुपर रेलवे स्टेशन पहुंच गई। वहां पहुंचकर उसने अपने प्रेमी से संपर्क करने का प्रयास किया।
लेकिन फोन बंद होने की वजह से उसकी बात नहीं हो पाई। इस बीच उसे सुनीता नामक की एक महिला मिली। बातों में उलझाकर सुनीता उसे अपने साथ लेकर इलाहाबाद पहुंची।
यहां उसने सपना को कानपुर के लाखन परिवार के हाथ बेच दिया। लाखन को अपने बेटे नीरज की शादी के लिए एक लड़की की तलाश थी। सपना को लेकर वह कानपुर अपने घर पहुंचा। यहां नीरज ने सपना को अपनी हवस का शिकार बनाया।
प्रेमी को फोन पर बताई आपबीती
इधर दिल्ली में 21 मई को सपना के परिवार ने रूप नगर थाने में उसके अपहरण का मामला दर्ज करा दिया। इस बीच मौका पाकर सपना ने अपने प्रेमी को फोन लगाया और सारी बात बताई।
सपना के प्रेमी ने उसके घर सूचना दी। इसके बाद मामला दिल्ली पुलिस की जानकारी में आया। पुलिस ने एक टीम गठित कर कानपुर के सरोली गांव भेजा।
वहां कानपुर पुलिस की मदद से 15 जून को सपना को लाखन के घर से छुड़ा लिया गया। पुलिस ने लाखन, उसके बेटे नीरज और पत्नी गुड्डी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को सुनीता की तलाश है।