फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Meerut case takes new step, young girl uterus not removed

मेरठ कांड: नहीं निकाला गया युवती का गर्भाशय

Fri, 08 Aug 2014 06:26 AM IST
Updated Fri, 08 Aug 2014 06:26 AM IST
विज्ञापन
Meerut case takes new step, young girl uterus not removed

मेरठ के खरखौदा गैंगरेप और धर्मांतरण की शिकार युवती के मामले में बृहस्पतिवार को नया खुलासा हुआ है। गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल के चिकित्सकों की टीम ने पीड़िता की मेडिकल जांच के बाद बताया कि युवती का गर्भाशय नहीं निकाला गया।

विज्ञापन


दूसरी तरफ, पीड़िता का कहना है कि उसकी एक फेलोपियन ट्यूब निकाली गई है। डॉक्टरों का कहना है कि फेलोपियन ट्यूब निकाली गई है या नहीं, इसका पता लेप्रोस्कोपी जांच से पता चलता है, जो कि जांच अभी नहीं हुई है।
विज्ञापन


युवती का केस देख रहीं फिजीशियन डा. संगीता गर्ग ने बताया कि पीड़िता की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। उसका एमआरआई कराया गया है, जिसमें पता चला कि उसका गर्भाशय सुरक्षित है। पीड़िता की ओवरी में सूजन है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पीड़िता ने बताई थी फेलोपियन ट्यूब निकाले जाने की बात

Meerut case takes new step, young girl uterus not removed

उसे एंटीबायोटिक दवाइयां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि शरीर में दो फेलोपियन ट्यूब होती हैं। इनमें से पीड़िता एक फेलोपियन ट्यूब निकाले जाने की बात कह रही है। फेलोपियन ट्यूब हटने से भविष्य में कुछ समस्याएं आ सकती हैं, लेकिन अभी कोई गंभीर बात नहीं है।

बता दें कि पीड़िता की हालत गंभीर होने के कारण उसे बुधवार दोपहर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां तीन चिकित्सकों का पैनल इलाज कर रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, अभी पीड़िता को दो-तीन अस्पताल में और रहना पड़ेगा।

यशोदा अस्पताल नहीं लेगा इलाज का पैसा

Meerut case takes new step, young girl uterus not removed

पीड़िता के इलाज का पूरा खर्चा यशोदा अस्पताल प्रबंधन उठा रहा है। अस्पताल के डायरेक्टर पीएन अरोड़ा ने बताया कि युवती का पूरा इलाज मुफ्त में किया जा रहा है। किसी प्रकार का खर्चा किसी और से नहीं लिया जा रहा है।

वहीं, युवती के जीजा ने बताया कि उसके इलाज का खर्चा मेरठ के एसएसपी दे रहे हैं। बता दें कि बुधवार को पीड़िता से मिलने आए कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने भी वादा किया था कि वे पीड़िता के इलाज का खर्च देंगे।

बवाल और हंगामे के मद्देनजर यशोदा अस्पताल के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। सिहानी गेट पुलिस के जवान तैनात हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed