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नक्सलवाद के लिए युवाओं को बनाया टारगेट, बांग्लादेशी रिफ्यूजियों पर भी नजर

Mon, 17 Oct 2016 12:05 AM IST
आशुतोष दुबे/अमर उजाला, नोएडा
आशुतोष दुबे/अमर उजाला, नोएडा Updated Mon, 17 Oct 2016 12:05 AM IST
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Maoist designed target to youth, look at Bangladeshi refugees
गिरफ्तार नक्सली - फोटो : अमर उजाला

एटीएस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए 10 नक्सलियों में से पांच युवा हैं और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इनका लिंक नक्सलियों से कैसे हुआ एटीएस इसकी जांच कर रही है।

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पकड़े गए नक्सली हथियार चलाने व बम बनाने में माहिर हैं, इन्हें प्रदेश में या फिर बिहार व झारखंड में ट्रेनिंग दी गई है। अब एटीएस व अन्य एजेंसियां इनकी सीडीआर व अन्य पहलुओं पर जांच कर रही हैं।
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एटीएस सूत्रों के अनुसार, कहीं ऐसा तो नहीं कि नक्सलियों ने यूपी के युवाओं का ब्रेन वॉश करने के लिए रुपयों का लालच देकर कैंप लगाने शुरू कर दिए हों। हालांकि, इसके पुख्ता सबूत अभी नहीं मिले हैं। 

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18 से 26 साल की उम्र के युवक हैं

Maoist designed target to youth, look at Bangladeshi refugees
noida naksali - फोटो : राजन राय

एक यूनिट प्रदेश के युवाओं को नक्सलवाद से जोड़ने का प्रयास कर रही है। यह उनके स्लीपर सेल हो सकते हैं। जिनकी मदद से दिल्ली व अन्य शहरों में वारदात अंजाम दी जानी थीं।

एटीएस की कार्रवाई में पकड़े गए रंजीत पासवान, सचिन कुमार, सूरज, आशीष व ब्रज किशोर पश्चिमी यूपी व पूर्व को जोड़ते हुए जनपदों के रहने वाले हैं। इनकी उम्र 18 से 26 साल तक है।

इनकी मद्द से नक्सली बेस कैंप नोएडा में बनाने में सफल हुए। 6 माह से यह लोग नोएडा में सक्रिय होकर रेकी कर रहे थे। हथियार हिंडन विहार पहुंचाए गए जो बिना लोकल लिंक के शहर में पहुंचना मुश्किल है। जाहिर है इन जैसे कई युवा और हैं जो गिरोह का हिस्सा बन चुके हैं।

बांग्लादेशी रिफ्यूजी को जोड़ने पर नजर

Maoist designed target to youth, look at Bangladeshi refugees
गिरफ्तार नक्सली - फोटो : अमर उजाला

एलआईयू की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में 10 हजार से ज्यादा बांग्लादेशी रिफ्यूजी कैंपों में रहते हैं। यह कैंप अब झुग्गी झोपड़ी व मलीन बस्तियों में तब्दील हो चुके हैं। 

इनका किसी भी तरह से कोई वेरिफिकेशन भी नहीं है। अधिकांश घुमंतू जाति के हैं जो अपने ठिकाने बदलते रहते हैं। दिल्ली से सटे बार्डर सेक्टर-11ए डीएनडी से जुड़ा शाहदरा ड्रेन, सेक्टर-37 छलेरा व आधा दर्जन ऐसे सेक्टर हैं जहां बांग्लादेशी रहते हैं। ऐसे में नक्सलियों की नजर इनको खुद से जोड़ने पर है।

पहले भी पकड़े जा चुके हैं संदिग्ध
- 2014 में मेरठ में चंदन नाम के नक्सली को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद नोएडा के होजरी कांप्लेक्स से कृष्णा मोची को गिरफ्तार किया गया।
- 19 दिसंबर 2014 को ज्वाइंट आपरेशन के बाद नोएडा के सेक्टर-15 मेट्रो पंप के पास से रकतुल्ला व अब्दुल अजीज को गिरफ्तार किया गया था। यह दोनों ही आतंकी गतिविधियों में लिप्त थे। इनमें रकतुल्ला बांग्लादेश का रहने वाला था।
- 2014 में ही मोरना से दो आतंकवादियों को पकड़ गया था जिनके पास से हथियार भी बरामद हुए थे।
- नवंबर 2012 में महिला नक्सली रहेना क्यूम शेख ए इस्माइल को गिरफ्तार किया गया। महिला 19 साल से नोएडा में रह रही थी।

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