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नोटबंदी में 430 किलो सोने की अवैध बिक्री करने वाला गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 23 Feb 2017 12:01 PM IST
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devashish garg
- फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी केदौरान 430 किलो सोना अवैध तरीके से बेचने केआरोप में नोएडा पुलिस ने एक ज्वैलरी कंपनी के संचालक को गिरफ्तार किया है। अवैध तरीके से बेचे गए इस सोने की कीमत 140 करोड़ रुपये है। नोएडा पुलिस ने आरोपी संचालक को मंगलवार रात राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) नोएडा की टीम के सहयोग से गिरफ्तार किया है।
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गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंजाबी बाग दिल्ली निवासी देवाशीष गर्ग के रूप में हुई है। उसे मंगलवार शाम एक सूचना के आधार पर सेक्टर-63 से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में पता चला कि वह डीआरआई के नोएडा ऑफिस से लौट रहा था। डीआरआई ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया था।
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एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि देवाशीष गर्ग की एनएसईजेड फेज दो में श्रीलाल महल ज्वैलर्स के नाम से ज्वैलरी एक्सपोर्ट की कंपनी है। इनकी कंपनी ने नोटबंदी के दौरान ड्यूटी फ्री सोना आयात किया था। इससे ज्वैलरी बनाकर कंपनी को वापस निर्यात करना था। एक्सपोर्ट करने की जगह कंपनी ने नोटबंदी के दौरान दिल्ली एनसीआर में 430 किलो ड्यूटी फ्री आयातित सोना 140 करोड़ रुपये में विभिन्न लोगों को बेच दिया था।
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पिता व कंपनी के पांच अधिकारी पहले से जेल में हैं
डीआरआई अधिकारियों के अनुसार सोने की अवैध बिक्री के लिए देवाशीष गर्ग के पिता प्रेम चंद्र गर्ग और कंपनी के पांच अधिकारी पहले से मेरठ जेल में बंद हैं। इन लोगों को दिसंबर 2016 में ही गिरफ्तार कर लिया गया था। उस वक्त देवाशीष गर्ग फरार हो गया था। देवाशीष ही इस पूरे अवैध व्यवसाय का मास्टर माइंड है। उसकी तलाश चल रही थी। इन लोगों के खिलाफ कंजरवेशन ऑफ फॉरेन एक्सचेंज एंड प्रीवेंशन ऑफ स्मगलिंग एक्टिविटीज (कोफेपोसा) अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।
मेरठ की विशेष अदालत में हो रही सुनवाई
देवाशीष गर्ग को भी मेरठ जेल भेज दिया गया है। देवाशीष समेत इस केस में पहले से गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मेरठ स्थित आर्थिक अपराध की विशेष अदालत में मामला चल रहा है। इसलिए आरोपयिों को मेरठ जेल में रखा गया है।
नोटबंदी में मिली थी 2.60 करोड़ रुपये की नकदी
डीआरआई अधिाकारियों के अनुसार नोटबंदी के दौरान दिसंबर 2016 में कंपनी के एनएसईजेड स्थित परिसर और मालिकों के ठिकानों पर छापा मारा गया था। दो दिन तक लगातार चली छापेमारी और सर्च ऑपरेशन में डीआरआई को कंपनी मालिकों के पास से 2.60 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई थी। इसमें से 12 लाख रुपये दो-दो हजार रुपये के नए नोट थे। इसे सीज कर लिया गया था। साथ ही एनईपीजेड़ स्थित कंपनी से 15 किलो सोना व 80 किलो चांदी भी जब्त की गई थी। कंपनी ने अपने ही परिसर में चलने वाली एक अन्य कंपनी के नाम से 24 किलो सोना खरीदने के लिए एमएमटीसी को बड़ी रकम का ऑनलाइन भुगतान किया था।
सीईआईबी ने भेजा था गिरफ्तारी वारंट
एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि आरोपी देवाशीष गर्ग की गिरफ्तारी के लिए सेंट्रल इकोनॉमीक इंटेलिजेंस ब्यूरो (सीईआईबी) ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को गिरफ्तारी वारंट भेजा था। डीजीपी जावीद अहमद ने ये गिरफ्तारी वारंट नोएडा पुलिस को भेजा था। इसके बाद से नोएडा पुलिस भी देवाशीष गर्ग की तलाश कर रही थी।
मेरठ की विशेष अदालत में हो रही सुनवाई
देवाशीष गर्ग को भी मेरठ जेल भेज दिया गया है। देवाशीष समेत इस केस में पहले से गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मेरठ स्थित आर्थिक अपराध की विशेष अदालत में मामला चल रहा है। इसलिए आरोपयिों को मेरठ जेल में रखा गया है।
नोटबंदी में मिली थी 2.60 करोड़ रुपये की नकदी
डीआरआई अधिाकारियों के अनुसार नोटबंदी के दौरान दिसंबर 2016 में कंपनी के एनएसईजेड स्थित परिसर और मालिकों के ठिकानों पर छापा मारा गया था। दो दिन तक लगातार चली छापेमारी और सर्च ऑपरेशन में डीआरआई को कंपनी मालिकों के पास से 2.60 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई थी। इसमें से 12 लाख रुपये दो-दो हजार रुपये के नए नोट थे। इसे सीज कर लिया गया था। साथ ही एनईपीजेड़ स्थित कंपनी से 15 किलो सोना व 80 किलो चांदी भी जब्त की गई थी। कंपनी ने अपने ही परिसर में चलने वाली एक अन्य कंपनी के नाम से 24 किलो सोना खरीदने के लिए एमएमटीसी को बड़ी रकम का ऑनलाइन भुगतान किया था।
सीईआईबी ने भेजा था गिरफ्तारी वारंट
एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि आरोपी देवाशीष गर्ग की गिरफ्तारी के लिए सेंट्रल इकोनॉमीक इंटेलिजेंस ब्यूरो (सीईआईबी) ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को गिरफ्तारी वारंट भेजा था। डीजीपी जावीद अहमद ने ये गिरफ्तारी वारंट नोएडा पुलिस को भेजा था। इसके बाद से नोएडा पुलिस भी देवाशीष गर्ग की तलाश कर रही थी।