जीपीएस की मदद से दबोचा लैपटॉप चोर गैंग, चोरों के साथ मिला हुआ कंपनी कर्मी
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निजी कंपनी के 38 लैपटॉप उड़ाने के बाद बदमाशों ने डिब्बे में टाइल के टुकड़े रख दिए। गुरुग्राम पहुंचे लैपटॉप के डिब्बों को खोला गया तो हकीकत का पता चला। ओखला इंडस्ट्रियल एरिया थाने में शिकायत की गई। जीपीएस लोकेशन की वजह से बदमाशों की पोल खुल गई। पुलिस ने छापेमारी करके छह आरोपियों को दबोच लिया।
इनकी पहचान खजुरैना, एटा, यूपी निवासी आदेश कुमार (25), दिल्ली निवासी शैलेंद्र कुमार उर्फ शालू (22), सुबोध कुमार उर्फ राजू (34), मिथुन कुमार (22) मनोज कुमार उर्फ छोटू (27) और मुंबई निवासी जायश पटेल (25) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 47 लैपटॉप बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त रोमिल बानिया ने बताया कि 18 दिसंबर को डीलक्स कार्गो इंडिया लिमिटेड के मैनेजर संदीप शर्मा ने कंपनी के 38 लैपटॉप चोरी होने की शिकायत दी थी।
कंपनी ने पांच दिसंबर को 140 लैपटॉप को गुरुग्राम भेजा था
संदीप ने बताया था कि कंपनी ने पांच दिसंबर को 140 लैपटॉप को कैंटर टेंपो के जरिये गुरुग्राम भेजा था, लेकिन वहां से 38 लैपटॉप के डिब्बों में लैपटॉप की जगह टाइल के टुकड़े निकले थे।
मामला दर्ज कर जांच के लिए इंस्पेक्टर अतुल कुमार, एसआई राकेश शर्मा, प्रवीन कुमार, हवलदार अशोक, पदम सिंह व नरेंद्र मलिक की एक स्पेशल टीम बनाई गई। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि टेंपो में जीपीएस लगा हुआ है। उसकी लोकेशन की जांच करने पर पता चला कि टेंपो ओखला से निकलते ही कुछ दूर जाकर रुक गया था।
काफी देर तक रुकने के बाद वह गुरुग्राम के लिए निकला। पुलिस ने इस संबंध में जब टेंपो के चालक आदेश कुमार से पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने लैपटॉप चुराने की बात कबूल कर ली। आदेश की निशानदेही पर कंपनी के दो कर्मचारी मिथुन, शैलेंद्र व सुबोध राय, छोटू को दबोच लिया गया।
उनके पास से कुछ लैपटॉप भी बरामद हुए। जांच के दौरान पता चला कि 10 लैपटॉप लेकर मुंबई निवासी जायश पटेल फरार हो गया है। उसे मुंबई से गिरफ्तार कर चुराए गए बाकी लैपटॉप भी बरामद कर लिए गए। आरोपियों के पास से कुल 47 लैपटॉप बरामद हुए।
नोटबंदी के कारण नहीं बेच पाए लैपटॉप
पूछताछ के दौरान सुबोध ने बताया कि मुंबई में उसकी मुलाकात जायश से हुई थी। इन दोनों लैपटॉप चुराने की योजना बनाई। इसके लिए कंपनी के कर्मचारी शैलेंद्र, मिथुन और आदेश कुमार को तैयार किया गया। घटना वाले दिन टेंपो के निकलते ही कुछ दूर जाकर उसे रोक दिया गया।
कंपनी से लगी सील को तोड़कर लैपटॉप के डिब्बों को खोलकर उसमें से चार्जर और लैपटॉप निकाल लिए गए। बाद में उसकी जगह पर टाइल के टुकड़े रख दिए गए। शैलेंद्र ने नकली सील का इंतजाम कर वापस टेंपो पर लगा दिया गया।
10 लैपटॉप उसी दिन जायश लेकर मुंबई चला गया, जबकि बाकी लैपटॉप को नोटबंदी के कारण बेच नहीं पाए। पुलिस ने चोरी किए गए लैपटॉप के अलावा कुछ अन्य लैपटॉप भी बरामद किए हैं। बरामद लैपटॉप की कीमत करीब 14 लाख रुपये है। पुलिस इनसे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।