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कालोनाइजर हत्याकांड : पूर्व पार्टनर ने कराई थी हत्या
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 16 Jun 2014 01:49 PM IST
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28 अप्रैल को मुरादनगर में हुए कालोनाइजर केपी त्यागी हत्याकांड का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। कालोनाइजर की हत्या वर्चस्व और प्रापर्टी विवाद में पूर्व पार्टनर अमित त्यागी ने कराई थी।
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हत्या के लिए कुन्हैड़ा के पूर्व प्रधान कृष्णपाल यादव और सोनीपत के शार्प शूटरों से 20 लाख रुपये में सुपारी तय हुई थी, पांच लाख रुपये एडवांस दिए थे। क्राइम ब्रांच और मुरादनगर पुलिस ने पूर्व पार्टनर और शार्प शूटरों समेत 8 आरोपियों को मुरादनगर से गिरफ्तार किया है। ये सभी फिरौती की रकम का लेनदेन करने का जा रहे थे।
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एसपी देहात जगदीश शर्मा ने बताया कि मुरादनगर के बसपा विधायक वहाब चौधरी का भाई आस मोहम्मद हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोपी है। वह फरार है।
इसके अलावा दो शार्प शूटरों समेत चार अन्य आरोपी भी भागे हुए हैं, जिनकी तलाश जारी है। हत्याकांड में सपा से मनोनीत एक सभासद की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसएसपी ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया है।
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बरामदगी
फिरौती के 15 लाख रुपये, वारदात में इस्तेमाल प्रतिबंधित बोर 9 एमएम की पिस्टल समेत दो पिस्टल, एक रायफल, एक तमंचा और दो कारें।
गिरफ्तार आरोपियों का प्रोफाइल
अमित त्यागी: निवासी- ब्रह्मनान कस्बा, मुरादनगर। पेशा- प्रॉपर्टी डीलिंग। केपी त्यागी का पूर्व पार्टनर। हत्या कराने वाला। 2009 में एनकाउंटर में मारे गए बदमाश रविंद्र त्यागी गैंग का पूर्व सदस्य।
कृष्णपाल यादव: निवाड़ी के कुन्हैडा गांव का पूर्व प्रधान। शार्प शूटर उपलब्ध कराए। एनकाउंटर में मारे गए बदमाश रविंद्र त्यागी गैंग का सदस्य।
जॉनी त्यागी: निवासी संतोष सिटी, मुरादनगर। केपी त्यागी की रेकी की।
जितेंद्र त्यागी: अमित त्यागी का भाई। साजिश में शामिल।
अमर यादव: कृष्णपाल यादव का बेटा। साजिश में शामिल।
प्रमोद जाटव: निवासी बुराडी दिल्ली। शूटर।
जगवीर सिंह उर्फ जग्गू: निवासी सोनीपत, हरियाणा। शूटर।
संजय कंसल: निवासी मुरादनगर। हत्या के लिए फर्जी आईडी पर सिम उपलब्ध कराने वाला।
भागे हुए आरोपी
आस मोहम्मद: निवासी कच्ची सराय, मुरादनगर। विधायक का छोटा भाई। साजिश का आरोप।
मनोज, कुलदीप, रणदीप: निवासी हरियाणा। शूटर। फिरौती लेकर हत्या की प्लानिंग की।
21 गोलियां मारी गईं थीं कालोनाइजर को
28 अप्रैल 2014 की रात मुरादनगर में जलालपुर रोड पर मुर्गी फार्म हाउस के पास कालोनाइजर केपी त्यागी को कार सवार हमलावरों ने 21 गोलियां मारी थीं। उनके साथी प्रवीन को भी पांच गोलियां लगी थीं। प्रवीन बच गए थे, अब स्वस्थ हैं। शहजादपुर गांव निवासी केपी त्यागी संतोष सिटी में रहते थे।
फुलप्रूफ थी प्लानिंग
एसपी देहात ने बताया कि हत्यारोपियों ने केपी की हत्या की फुल प्रूफ प्लानिंग की थी। तीन हमलावरों ने गोलियां बरसाईं थीं, जबकि तीन हथियारबंद कार लेकर कुछ दूरी पर खड़े थे कि अगर पहले हमले से वे बच जाएं तो दूसरा हमला कर सकें।
खूनी प्रापर्टी: गुंडों से लेकर सफेद पॉश तक शामिल
कालोनाइजर हत्याकांड के खुलासे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्रापर्टी के इस खेल में गुंडों से लेकर सफेदपोश तक शामिल हैं। प्रापर्टी के बढ़ते दाम और वर्चस्व की जंग हत्याओं का सबब बन रही है। अपने पराए हो रहे हैं।
षडयंत्र रचे जा रहे हैं और रंगदारी मांगी जा रही हैं। प्रतिबंधित बोर 9 एमएम की पिस्टल से भी गोलियां बरसाईं जा रही हैं। 9 एमएम की पिस्टल सिर्फ पुलिस या आर्मी वाले इस्तेमाल करते हैं। इससे पहले सपा नेता के भाई की एनएच-24 पर हुई हत्या भी 9 एमएम की पिस्टल से ही गोलियां मारकर की गई थी।
एसपी देहात ने बताया कि संतोष सिटी कालोनी मुरादनगर में सिचाई विभाग का एक नाला था। उस नाले को केपी त्यागी ने बंद कर रास्ता बना दिया था, जिससे उसकी जमीन की कीमत बढ़ गई थी। इसकी जानकारी सपा के एक मनोनीत सभासद को थी।
सभासद ने इस संबंध में शासन स्तर पर पैरवी कर नाले पर बने रास्ते को उखड़वाने के आदेश करा दिए। इस पर केपी ने सभासद से संपर्क किया। सभासद ने कार्रवाई न कराने के लिए केपी से सौदा किया, जिसके तहत सभासद ने संतोष सिटी कालोनी में 12 प्रतिशत की हिस्सेदारी कर ली।
इस हिस्सेदारी में सभासद ने अपने दोस्त अमित को भी तीसरा हिस्सा देना तय किया। इस बीच केपी ने हाजी इस्लाम से पार्टनरशिप कर ली। इससे सभासद केपी से नाराज हो गया।
सभासद वर्ष 2007 में जलालपुर प्रधान पर फायरिंग करने के मामले में जेल गया था। इसी दौरान अमित त्यागी ग्राम भनैडा के प्रधान बबलू की हत्या में जेल में बंद था। वहीं सभासद और अमित की दोस्ती हुई थी।
दूसरी तरफ, संतोष सिटी कालोनी की जमीन का बैनामा राधे कृष्णा अरोड़ा चेयरमैन पति मुरादनगर से केपी को 19 अप्रैल को मोदीनगर तहसील में होना था। राधे इस जमीन को 32 बीघा और केपी 29 बीघा बता रहा थे। 22 अप्रैल को दोनों का समझौता हुआ था। लेकिन इस दौरान दोनों पक्षों में तनातनी हो गई थी।
अमित ने इस झगड़े का फायदा उठाने केलिए केपी की हत्या की साजिश रची थी, ताकि हत्या का शक राधे पर जाए। उसकी खुन्नस भी पूरी हो जाए और वह बच भी जाए। अमित ने कृष्णपाल से संपर्क किया। कृष्णपाल ने रणदीप से। साजिश लोनी के अगरौला गांव में रची गई।
वहां रणदीप भाटी से 10 लाख रुपये में सुपारी तय की। रणदीप ने शूटर कुलदीप और मनोज को हत्या के लिए भेजा था। जॉनी को फर्जी आईडी पर सिम देकर रेकी कराई गई। प्रमोद और जगवीर कार और पिस्टल लेकर आए थे।
वारदात से एक दिन पहले अमित चला गया जेल
योजना केतहत अमित सहारनपुर के सदर बाजार थाने में 22 बोतल शराब में वारदात से एक दिन पहले बंद हो गया था। इसकी सेटिंग भी कृष्णपाल ने गागल हेडी थाने में तैनात सिपाही से कराई थी। एसपी देहात ने बताया कि सिपाही की भूमिका की जांच की जा रही है।
आस मोहम्मद की भूमिका
एसपी देहात का कहना है कि आस मोहम्मद केपी को धमकी देकर पैसे लिए थे। उसे जानकारी थी कि केपी की हत्या होने वाली है। लिहाजा उसे साजिश का आरोपी बनाया गया है। मुरादनगर के बसपा विधायक वहाब चौधरी का कहना है कि उनके भाई को पुलिस ने फर्जी तरीके से फंसाया है। उनके भाई के हत्याकांड से कोई संबंध नहीं है।
ये थी खुन्नस
अमित त्यागी और केपी त्यागी पार्टनरशिप में प्रापर्टी डीलिंग करते थे। करीब साढ़े तीन साल पहले दोनों ने 10 बीघा जमीन का सौदा किया था। बैनामे के दौरान केपी पीछे हट गए थे।
उन्होंने जमीन खरीदने से मना कर दिया था। इस पर अमित और केपी में गाली-गलौज हो गई थी। दोनों ने पार्टनरशिप अलग कर ली थी। इसके बाद केपी ने कई बड़ी डीलिंग की, साथ ही उसके कई सफेदपोशों से ताल्लुक हो गए।
उसका रसूख बन गया। वह संपत्ति में अमित से आगे निकल गया। अमित केपी से खुन्नस खाने लगा और उसने हत्या की साजिश रची।
एक कॉल ने पहुंचाया हत्यारोपियों तक
सूत्रों के मुताबिक, मुखबिरों के सूचना के अलावा पुलिस को सबसे खास क्लू उस कॉल से मिला जो रेकी करने वाले जॉनी ने अमित को किया था।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली थी, जिनमें ये नंबर संदिग्ध था। इस नंबर की कॉल डिटेल से पुलिस बाकी आरोपियों तक पहुंची।