जेएनयू के लापता छात्र नजीब की कहानी में आया नया मोड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुछ छात्र नजीब की हत्या करना चाहते थे, उसके नाक से बुरी तरह से खून निकल रहा था। हालांकि उक्त तीनों छात्रों ने इस आरोप का नकारते हुए कहा है कि ऐसा था तो वार्डन ने मेडिकल जांच क्यों नहीं करवाई।
नजीब अहमद के लापता होने के नौ दिन के बाद हॉस्टल के ही एक अन्य छात्र के इस बयान से कैंपस का माहौल गरम हो गया है। स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के एमफिल के छात्र शाहिद का दावा है कि आधी रात को उसने कुछ आवाज सुनी तो देखा कि कुछ छात्र नजीब को बुरी तरह से पीट रहे थे।
आरोपी बाथरूम से खींच कर ले गए थे
नजीब की नाक और मुंह से खून निकल रहा था। शाहिद के अनुसार उसने तत्काल वार्डन को मदद के लिए बुलाया और नजीब का मुंह साफ करने के लिए बाथरूम में ले गया। इसी बीच कुछ छात्र आ गए और वे बाथरूम से खींच कर ले गए।
वहीं, जेएनयू एबीवीपी के अध्यक्ष आलोक सिंह ने इन आरोपों को नकारा है। यदि इन आरोपों में सचाई है तो वार्डन ने उस दिन नजीब का मेडिकल क्यों नहीं करवाया। यदि करवाया तो रिपोर्ट कहां हैं। जबकि ऐसे मामलों में मेडिकल करवाया जाता है। जब मारपीट हुई ही नहीं थी तो फिर मेडिकल कैसे होता।
कुलपति ने जांच कमेटी भी बिठाई
बता दें कि इस घटना के बाद कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने जांच कमेटी भी बिठाई थी। हालांकि नजीब के लापता होने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रबंधन चीफ प्रॉक्टर की अध्यक्षता में दोबारा जांच कमेटी गठित की है, जिसमें सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
उधर, नजीब अहमद को तलाशने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी स्पेशल जांच टीम बनाई है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सूचना देने वाले को पचास हजार रुपये इनाम की घोषणा पहले ही कर रखी है और अन्य राज्यों की पुलिस से भी मदद मांगी जा रही है।