फिरौती में न कैश दिया न सोना, दी कुछ ऐसी चीज जो कर देगी हैरान
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पुलिस के अनुसार, सेक्टर-17 अपराध शाखा प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र चौहान की टीम को सेक्टर-5 थाने में दर्ज उक्त मामले की जांच सौंपी गई थी। यह मामला मनीष भारद्वाज ने जान से मारने की धमकी देकर फिरौती मांगने के संबंध में दर्ज कराया था।
मामले की जांच के दौरान पाया गया कि मनीष भारद्वाज सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामले में जेल में बंद था। इसी दौरान भोंडसी जेल में ही गुरुग्राम निवासी बिन्दर गुर्जर, विजय भारद्वाज और मित्राऊ निवासी मंजीत महाल भी बंद थे।
जेल में रहते हुए 50 लाख के बदले ऑडी कार दी
बिंदर गुर्जर, विजय भारद्वाज व मंजीत महाल द्वारा मनीष भारद्वाज को जान से मारने की धमकी देकर 50 लाख रुपये की मांग की थी।
जिस पर मनीष भारद्वाज ने जेल में रहते हुए ही 50 लाख रुपये के बदले अपनी ऑडी कार मंजीत महाल के गांव मित्राऊ में गाड़ी बेचने के शपथ-पत्र सहित भिजवा दी थी।
इस मामले में इंस्पेक्टर नरेंद्र चौहान ने कार्रवाई करते हुए 19 अगस्त को मंजीत महाल को अदालत से दो दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर उसके गांव से फिरोती में ली गई ऑडी गाड़ी को बरामद किया है। इस मामले में पुलिस विजय भारद्वाज को 9 अगस्त को ही गिरफ्तार कर चुकी है।