आदित्य की जिंदगी के लिए सोसाइटी में महामृत्युंजय जाप, स्वीमिंग पूल में डूबा था बच्चा
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शहर के सेक्टर-78 स्थित महागुन मॉडर्न सोसायटी के स्वीमिंग पूल का शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने दौरा किया। जांच के दौरान पाया गया कि जिस हिस्से में बच्चा डूबा था, वह अवैध है और उसकी बिल्डर की ओर से अनुमति नहीं ली गई।
इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट ने नोटिस देते हुए दो दिन में जवाब मांगा है। यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया तो स्वीमिंग पूल की अनुमति को रद्द कर दिया जाएगा।
सिटी मजिस्ट्रेट बच्चू सिंह ने बताया कि जब बच्चे ने पूल से बॉल निकालने के हाथ डाला तो पानी के तेज बहाव ने हाथ को ऊपर नहीं आने दिया और आदित्य भी पूल की ओर ही खिंचता चला गया जिससे वह डूब गया। जिस हिस्से में बच्चा डूबा था वह नियम तोड़कर बनाया गया है।
प्रशासन की ओर से अनुमति ही नहीं दी गई थी
उस हिस्से की जिला प्रशासन की ओर से अनुमति ही नहीं दी गई थी। स्वीमिंग पूल प्रबंधन को दो दिन का नोटिस देकर जवाब मांगा है। अगर समय से जवाब नहीं आएगा तो एनओसी रद्द कर दी जाएगी। साथ ही, आगे की कार्रवाई क्या करनी होगी इस पर आला अफसरों से विचार किया जाएगा।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि शहर में जितने भी स्वीमिंग पूल हैं उन सभी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। उनमें देखा जाएगा कि जो स्वीमिंग पूल की एनओसी ली है उससे अधिक तो कुछ नहीं किया गया है। इसके अलावा लाइफ गार्ड आदि है या नहीं। इन सभी की जांच की जाएगी।
सोसायटी में चार दिन पहले भी बच्चे के डूबने की घटना हुई थी। सोसायटी वासी ने बच्चे को बचाया था। इस घटना के बाद भी स्वीमिंग पूल प्रबंधन सतर्क नहीं हुआ और घटना होने का इंतजार करता रहा।
बिल्डर ने स्वीमिंग पूल पर लगाए बाउंसर
शुक्रवार को बिल्डर की ओर से बनाए गए स्वीमिंग पूल की एंट्री बंद कर दी गई। वहां पर बाउंसर तैनात कर दिए गए और किसी भी नागरिक को वहां जाने नहीं दिया गया। इस सोसायटी में करीब 2700 फ्लैट है और अभी करीब एक हजार परिवार यहां रह रहे हैं।
सोसायटी में आदित्य की जान बचाने के लिए बृहस्पतिवार से ही महामृत्युंजय जाप किया गया। समय-समय पर अलग-अलग लोग इस जाप को लगातार जारी रखे हुए हैं और आदित्य के जीवन की कामना कर रहे हैं। अभी आदित्य की हालत में सुधार नहीं आया है।
जिले में स्वीमिंग पूल में हर साल इस तरह की घटनाएं होती हैं। ग्रेटर नोएडा के रॉयन इंटरनेशनल स्कूल में कुछ साल पहले ट्रेनर ही स्वीमिंग पूल में डूब गया था और वहां लाइफ गार्ड भी नहीं था। इसके बाद मामले की जांच की गई, लेकिन ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई जिससे अन्य स्वीमिंग पूल पर सतर्कता बरती जा सके। शहर के एक अन्य स्वीमिंग पूल में भी महिला डूब गई थी।
सेक्टर-78 स्थित स्वीमिंग पूल में बच्चे के डूबने की घटना की किसी की ओर से कोई शिकायत नहीं दी गई है। अगर किसी की ओर से तहरीर आती है तो पूल प्रबंधन (एनओसी लेने वालों) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- दिनेश यादव, थानाध्यक्ष सेक्टर-49