'प्रेम संबंधों में जब कड़वाहट आती है तो महिलाएं रेप संबंधी कानून को हथियार बनाती हैं'
प्रेम संबंधों में जब कड़वाहट आती है तो महिलाएं कई बार दुष्कर्म संबंधी कानून को हथियार की तरह बदला लेने के लिए इस्तेमाल करती हैं। इस मामले में आरोपी व पीड़िता के बीच शारीरिक संबंधी आपसी सहमति से बने थे।
यह टिप्पणी विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने वकील को दुष्कर्म के आरोप से बरी करते हुए की है। दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश निवासी तलाकशुदा महिला ने वकील पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने अपने फैसले में कहा कि 38 साल की पीड़ित ने शारीरिक संबंध बनाने के लिए आरोपी पर शादी का झूठा वादा करने का आरोप नहीं लगाया है।
'दुष्कर्म का आरोप लगा दिया जबकि सहमति से बने थे संबंध'
वे दोनों एक दूसरे को काफी समय से जानते थे और आपस में प्रेम करते थे। आरोपी वकील पीड़ित महिला के घर जाता था। अदालत ने कहा जब दोनों के बीच कड़वाहट आई तो उसने दुष्कर्म का आरोप लगा दिया जबकि संबंध सहमति से बने थे।
अभियोजन के मुताबिक ग्रेटर कैलाश निवासी तलाकशुदा महिला का कुछ साल पहले एक्सीडेंट होने पर उसने आरोपी को अपना वकील बनाया था। इसके बाद दोनों के बीच जान पहचान हुई और वकील महिला के घर आने लगा।
महिला का आरोप था कि इस दौरान उसने दुर्व्यवहार करने पर कई बार वकील को चेतावनी दी थी लेकिन वह नहीं सुधरा। वकील ने 28 दिसंबर 2013 को उससे दुष्कर्म किया और शिकायत करने पर उसके बेटे को सारी बात बताने की धमकी दी।