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ह्यूमन ट्रैफिकिंग के शिकार 63 बच्चे आजाद
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 22 May 2014 12:21 AM IST
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दिल्ली पुलिस ने बुधवार सुबह पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से ह्यूमन ट्रैफिकिंग के शिकार 63 बच्चों को मुक्त करा लिया। मानव तस्करी के आरोप में पुलिस ने 23 लोगों को धर दबोचा।
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छुड़ाए गए बच्चों की उम्र 7-17 वर्ष के बीच है। पूछताछ में एक आरोपी ने बताया कि मोतीहारी (बिहार) और सीतापुर (उत्तर प्रदेश) से इन बच्चों को अबोहर (पंजाब) और दिल्ली की फैक्ट्रियों में मजदूरी करने के लिए लाया गया था।
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बचपन बचाओ आंदोलन संस्था के संस्थापक राकेश सेंगर ने बताया कि सूचना मिली थी कि बिहार के रक्सौल से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन आने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस में बच्चों को ट्रैफिकिंग कर लाया जा रहा है।
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उन्होंने इसकी सूचना दिल्ली पुलिस, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, क्राइम ब्रांच और रेलवे पुलिस को दे दी। इसके अलावा संस्था ने अपने कार्यकर्ताओं को सिवान, गोंडा, सीतापुर, गाजियाबाद आदि रेलवे स्टेशनों पर ट्रेन में चढ़कर बच्चों की जांच करने को कहा।
इस बीच पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन पहुंची तो पुलिस की टीम ने छापा मारकर 63 बच्चों को मुक्त करा लिया। रेलवे पुलिस के मुताबिक बच्चों ने बताया कि वे गरीब घर से हैं। उनके घरवालों को बच्चों की पढ़ाई व उन्हें नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था। जांच के दौरान पता चला कि इससे पहले भी आरोपी कई बच्चों को बिहार व यूपी से दिल्ली, हरियाणा व पंजाब में बेच चुके हैं।