हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप : पीड़िता से अभद्रता करने वाली डॉक्टर सीबीआई पूछताछ से झल्लाई
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हाईवे पर मां-बेटी के साथ हुए गैंगरेप की जांच कर रही सीबीआई टीम रिमांड पर लिए तीन आरोपियों को लेकर शनिवार दोपहर मौका-ए-वारदात पर पहुंची। करीब 20 मिनट तक टीम आरोपियों से वारदात के बारे में पूछताछ करती रही।
हाईवे पर मां-बेटी से हुए गैंगरेप के मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनमें तीन आरोपी रईस, जबर सिंह और शाबेज को पुलिस ने एक अगस्त में जेल भेजा था। जबकि सलीम, जुबेर उर्फ परवेज और साजिद को नौ अगस्त में जेल भेजा था।
मामला सीबीआई के सुपुर्द होने पर शुक्रवार को टीम ने केस से जुड़े दस्तावेज लिए और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शुक्रवार शाम कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद सीबीआई टीम ने शुक्रवार रात नौ बजे जेल से बाद में जेल गए तीन आरोपी सलीम, जुबेर उर्फ परवेज और साजिद को तीन दिन की रिमांड पर लिया।
जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद टीम तीनों आरोपियों को लेकर रात में ही घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद शनिवार सुबह 11 बजे भी टीम तीनों को लेकर घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास आरोपियों को घुमाती रही।
टीम ने आरोपियों ने 29 जुलाई की रात हुई वारदात के बारे में घटनास्थल पर ले जाकर पूछताछ की। इसके बाद टीम वापस आरोपियों को लेकर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंची।
अब सीबीआई पूछताछ से झल्लाई डॉक्टर
गैंगरेप पीड़ित मां-बेटी से अभद्रता के आरोप में फंसी महिला अस्पताल की डॉक्टर सीबीआई पूछताछ के दौरान झल्ला उठी। उसने महिला आयोग की सदस्या पर बिना वजह बात का बतंगड़ बनाने का आरोप लगाया। हालांकि सीएमओ की जांच में उस पर लगे आरोपों की पुष्टि हुई थी।
गैंगरेप के बाद मेडिकल परीक्षण के दौरान अभद्रता की शिकायत पीड़िताओं ने महिला आयोग की सदस्या रेखा शर्मा को बताई थी। इस पर महिला आयोग ने आरोपी डॉक्टर को तलब किया था। महिला आयोग के संज्ञान लेते ही सीएमओ ने भी पूरे मामले में जांच के निर्देश दिए थे।
एसीएमओ डॉ. रेखा शर्मा और डीएमओ डॉ. बीके श्रीवास्तव ने मामले की जांच की जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई थी। हालांकि आरोपी डॉक्टर ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया था।
शनिवार को सीबीआई ने भी महिला डॉक्टर से पूछताछ की। इस दौरान डॉक्टर झल्ला उठीं। उन्होंने एक बार फिर आरोपों को निराधार बताया और महिला आयोग पर बेवजह बात का बतंगड़ बनाने का आरोप लगाया।
सीबीआई के आते ही हाईवे पर दिखने लगी पुलिस
अक्सर वीरान रहने वाले हाईवे पर सीबीआई के आने के बाद अब पुलिस की मुस्तैदी दिख रही है। पुलिसकर्मी ने गैंगरेप स्थल के आसपास अपना डेरा जमा लिया है। पुलिस पीसीआर वैन दिन में कई चक्कर हाईवे के लगा रही है। इसके अलावा पुलिस की एक वैन घटनास्थल के आसपास ही खड़ी रहती है।ॉ
एनएच-91 पर 29 जुलाई की रात मां-बेटी से गैंगरेप के मामले की विवेचना अब सीबीआई के डिप्टी एसपी एमएस कतियाल के हाथों में हैं। वे इस केस के चौथे विवेचक होंगे। अब तक के 21 दिनों में तीन विवेचक बदल चुके हैं जिसमें से दो विवेचक सस्पेंड हो चुके हैं।
इस केस के पहले विवेचक तत्कालीन एसएसआई भंवरपाल सिंह रहे जिन्हें बाद में वारदातों को छिपाने के आरोप में सस्पेंड कर दिया। 3 अगस्त को एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने विवेचना तत्कालीन नगर कोतवाल आरके सिंह को दी। उन्हें 13 अगस्त को दो नाबालिग लड़कियों से अभद्रता के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद 15 अगस्त को नए नगर कोतवाल राजवर्धन गौड़ ने विवेचना शुरू की जिनसे सीबीआई की ओर से नियुक्त उपाधीक्षक एमएस कतियाल ने 19 अगस्त को विवेचना संभाली।
रईस की रिमांड न लेने पर फंस सकती है पुलिस की गर्दन
बुलंदशहर। गैंगरेप मामले में गिरफ्तार सुतारी निवासी रईसुद्दीन उर्फ रईस को रिमांड पर न लेने के आरोपों से घिरी पुलिस अब कटघरे में खड़ी है । हालांकि पुलिस ने उसके साथ गिरफ्तार शावेज और जबर सिंह को 9 अगस्त को तीन दिन की रिमांड पर लिया था।
...तो क्या सीबीआई पकड़ेगी फाती को
गैंगरेप मामले का सातवां आरोपी फाती अभी भी फरार है। अब सीबीआई के हाथों में केस जाने के बाद माना जा रहा है कि फाती को अब सीबीआई गिरफ्तार करेगी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने फाती की तलाश छोड़ दी है।
सर्विलांस के रिकॉर्ड खंगालेगी सीबीआई
हाईवे गैंगरेप मामले में पुलिस ने बाद में पकड़े तीन आरोपियों को सर्विलांस के जरिए पकड़ा था। विवेचना मिलने के बाद सीबीआई टीम उस सर्विलांस रिकॉर्ड को भी खंगालेगी।
हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप : सीबीआई पूछताछ से झल्लाई डॉक्टर, मां-बेटी से की थी अभद्रता
सीबीआई ने बदला ठिकाना
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में रुकी हुई सीबीआई टीम ने शनिवार दोपहर ठिकाना बदल दिया। माना जा रहा है कि उन्होंने ऐसा मीडिया से बचने के लिए किया।
सस्पेंड हुए पुलिस अफसर जल्द होंगे तलब
हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप के मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम जल्द ही उन पुलिस अफसरों और कर्मियों से पूछताछ करेगी जो लापरवाही और दोषपूर्ण कार्यशैली पर सस्पेंड कर दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सस्पेंड हुए कुछ पुलिसकर्मियों को पूछताछ के लिए नोटिस भी मिल गया है।
मालूम रहे कि गैंगरेप की वारदात के बाद लापरवाही के चलते एसएसपी समेत सात पुलिसकर्मी सस्पेंड हो चुके हैं। 30 जुलाई को तत्कालीन एसओ कोतवाली देहात रामसेन सिंह को तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने सस्पेंड किया था।
31 जुलाई को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण, एसपी सिटी राममोहन सिंह, सीओ सिटी हिमांशु गौरव को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद डीआईजी ने कंट्रोल रूम इंचार्ज, भूड़ चौकी प्रभारी समेत करीब पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया था।
गेस्ट हाउस में दिनभर तलब किए जाते रहे पुलिसकर्मी
हाईवे कांड को सुलझाने के लिए सीबीआई अफसरों ने जिले में डेरा डाल दिया है। अस्थायी रूप से सीबीआई अफसरों ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस को ही अपना कैंप कार्यालय बनाया हुआ है।
सूत्रों ने बताया कि शनिवार को भी पुलिस अफसर और कर्मचारी दिनभर गेस्टहाउस के ही चक्कर लगाते रहे। गेस्ट हाउस पहुंच रहे अफसर और कर्मियों के चेहरे पर शिकन साफ देखी जा रही थी।