राजधानी में रोजाना पांच से ज्यादा महिलाएं हो रहीं रेप की शिकार, बढ़ रही दुष्कर्म की घटनाएं
गत वर्ष जहां पांच माह में महिलाओं से दुष्कर्म के 726 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं इस अवधि में अब तक 781 मामले दर्ज हो चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि वर्ष 2012 में साल भर में दुष्कर्म के 702 मामले ही दर्ज किए गए थे।
उसके बाद से राजधानी में दुष्कर्म की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। इस वर्ष पांच माह में छेड़छाड़ के 1643 मामले दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2012 में निर्भया कांड के बाद कानून में सख्ती और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के कई उपाय किए गए थे।
छेड़छाड़ की घटनाओं से 11 महिलाएं हो रहीं शर्मसार
बावजूद इसके इस अपराध में बढ़ोतरी ने एक बार फिर सोचने को मजबूर कर दिया है। पुलिस अधिकारी मानते हैं कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जो उपाय किए गए हैं उससे राजधानी में रह रही महिलाओं का मनोबल बढ़ा है और वह बिना डरे पुलिस थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज करवा रही हैं।
साथ ही उनका कहना है कि दुष्कर्म के ज्यादातर मामलों में आरोपी पीड़ित के परिचित होते हैं। वर्ष 2015 के आंकड़ों के मुताबिक 96.6 फीसदी मामलों में आरोपी पीड़ित के पड़ोसी, पारिवारिक मित्र, रिश्तेदार और सहकर्मी थे।
वहीं महज 3.39 फीसदी मामलों में ही अपरिचित ने घटना को अंजाम दिया। जांच में एक अहम बात सामने आई कि करीब 86.83 फीसदी मामले घर के अंदर अंजाम दिए गए।