जानें क्यों गेस्ट हाउस संचालक ने 13 कुत्तों की बेरहमी से जान ली और..
डीएलएफ फेस-1 में अज्ञात लोगों द्वारा 13 लावारिस कुत्तों (पपी) को मारकर दफना दिया गया। इसकी शिकायत एक एनजीओ ने पुलिस को दी है। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता ने इसका शक एक गेस्ट हाउस संचालक पर जताया है। आरोप है कि गेस्ट हाउस के मेहमानों की नींद खराब होने की शिकायत से परेशान होकर ही संचालक ने कुत्तों (कुत्ते के छोटे बच्चों) को मारकर दफन करवा दिया।
पुलिस के अनुसार वॉक फॉ एनिमल हैबिटेट एनजीओ की अध्यक्ष प्रो. अमिता सिंह ने बताया कि उनके घर के पास करीब 15 कुत्ते थे। इन कुत्तों को कई महिलाएं खाली प्लॉट में खाना खिलाती थी। 12 मार्च तक सब सही था।
13 मार्च को जब वह खाना खिलाने गईं तो यहां एक भी कुत्ता नहीं मिला। नजदीक के मजदूरों से पूछा तो उन्होंने एक गेस्ट हाउस संचालक द्वारा कुत्तों को मारकर दफन करने के बारे में बताया।
ऐसे दफनाया था जमीन में
उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया कि जो लोग कुत्तों को खाना खिलाने आते थे, उनसे एक दिन गुस्से में गेस्ट हाउस संचालक ने इन छोटे कुत्तों को मारने की बात कही थी।
उसने कहा था कि भौंकने से उनके गेस्ट हाउस के मेहमानों को परेशानी होती है। एक मजदूर ने बताया कि डीएलएफ के एक सीवरमैन ने कुत्तों को जमीन में दफनाया है। सीवरमैन की निशानदेही पर एनजीओ को 12 कुत्तों की लाश मिली और 3 की अभी भी गायब हैं।
एनजीओ ने दफन किए कुत्तों को निकालकर चक्करपुर के पशु अस्पताल में ले जाकर पोस्टमार्टम कराया। आरोप है कि डॉक्टर ने पोस्टमार्टम सही से नहीं करते हुए बुखार से मौत का कारण बता दिया।
इस पर उन्होंने डॉक्टर पर भी लापरवाही करने की शिकायत पुलिस को दी है। डीएलएफ फेज-1 थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।