सावधान : अगर आप भी विदेशी युनिवर्सिटी में पढ़ने की इच्छा रखते हैं तो जरूर पढ़ें ये खबर..
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अमेरिका की जॉर्जिया यूनिवर्सिटी में दाखिला दिलाने के नाम पर साढ़े चार लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-56 निवासी करण सिंह यादव ने शिकायत में कहा कि उन्होंने जॉर्जिया यूनिवर्सिटी में मेडिकल पीजी के लिए आवेदन किया था।
आवेदन के बाद उनके पास लैरी बर्मन का कॉल आया, जिसने स्वयं को उक्त यूनिवर्सिटी की पूर्व चांसलर बताया। उन्होंने यूनिवर्सिटी में दाखिला दिलाने में मदद करने की बात कही। इसके लिए उन्होंने टैक्सास यूएसए के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन में कार्यरत डॉ. सूजा मेनडेस द्वारा उनका कार्य किया जाना बताया।
डॉ. सूजा ने उन्हें फोन कर मदद करने का आश्वासन भी दिया। डॉ. सूजा ने उन्हें स्कॉलरशिप फॉर्म भेजे और उनसे करीब 1868 यूएस डॉलर फीस मांगी।
इस फीस को उन्होंने 31 दिसंबर, 2017 तक रिफंड होने की बात कही। इस पर उन्होंने अमेरिकी दूतावास के अधिकारी केनेथ जे श्रमन का मोबाइल नंबर दिया और उनसे बात करने को कहा।
बार-बार रखी पैसों की मांग
केनेथ ने उन्हें एक बैंक अकाउंट में 25900 रुपये जमा कराने को कहा, जो उन्होंने 9 नवंबर, 2017 को जमा करा दिए थे। इसके बाद केनेथ द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट नंबर में उन्होंने 13 नवंबर को 96000 रुपये, 14 नवंबर को 32000 रुपये जमा कराए।
इसके बाद डॉ. सूजा का कॉल आया, जिन्होंने फीस वेरियर फॉर्म के नाम पर 2500 डॉलर जमा कराने की बात कही। इस पर उन्होंने डॉलर की कीमत के अनुसार 48750 रुपये उनके द्वारा दिए गए बैंक खाते में 20 नवंबर को जमा करा दिए।
इसके बाद मांग करने पर उन्होंने 21 नवंबर को दोबारा 48750 रुपये, 27 नवंबर को 32250 रुपये तथा 28 नवंबर को 32250 रुपये जमा कराए। इसके बाद उन्हें एक ई-मेल से फॉर्म भेजे गए, जिसमें मेडिकल करवाने का फॉर्म था।
पैसा जमा करवाने पर अमेरिकी दूतावास की सील लगी हुई पर्ची दी
मेडिकल करवाने के लिए केनेथ ने 1 दिसंबर को 500 डॉलर (32250 रुपये) भी जमा करवा दिया। जब उन्होंने दाखिले के बारे में जनवरी के दूसरे सप्ताह में लैरी बर्मन को फोन किया, तो उन्होंने बताया कि उनके भाई की मौत हो गई है, इसलिए वह स्पेन से अटलांटा आना चाहती हैं।
इसके लिए उन्हें परमिट क्लीयरेंस के लिए 430 यूएस डॉलर की जरूरत है। यह रुपये उन्हें वह फरवरी में वापस कर देंगी। इस पर उन्होंने उनके द्वारा दिए गए बैंक खाते में 27650 रुपये जमा करा दिए।
उन्होंने जितने भी रुपये जमा कराए, इसके लिए उन्हें अमेरिकी दूतावास की सील लगी हुई जमा पर्ची भी दी गई। इसके बाद उनके पास जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी से ई-मेल आया जिसमें उनका एडमिशन रिजेक्ट होने की बात कही गई।
इस पर उन्होंने डॉ. सूजा से बात की। इस पर उन्होंने टैक्सास से अटलांटा जाने की बात कहकर उनसे फ्लाइट टिकट का किराया मांगा। उन्होंने उनके कहे अनुसार 500 डॉलर (32025 रुपये) डॉ. सूजा द्वारा बताए गए बैंक खाते में जमा कराए।
इसके बाद उन्होंने एडमिशन लेटर के नाम पर उनसे 500 डॉलर और मांगे। इस पर उन्हें उनके साथ हो रही धोखाधड़ी का शक हुआ। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।