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एक लाइसेंस के लिए 4500 से 5000 हजार तक कर रहे वसूली

Tue, 18 Apr 2017 12:15 AM IST
भोला पांडेय/अमर उजाला, फरीदाबाद
भोला पांडेय/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 18 Apr 2017 12:15 AM IST
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fraud on the name of licence making in faridabad

जिला प्रशासन ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए ऑनलाइन सेवा की शुरुआत कर जरूर अपनी पीठ थपथपा रहा है लेकिन लाइसेंस बनवाने वाले ठेकेदारों (दलाल) पर लगाम लगाने के लिए कोई उपाय नहीं कर पाया है।

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सेक्टर-12 लघु सचिवालय के पीछे बना अटल सेवा केंद्र (ई-दिशा) पूरी तरह से दलालों के चंगुल में फंसा हुआ है। हो भी क्यों न। इसके बदले दलाल कर्मचारियों की भी जेब गरम करते हैं। यही कारण है कि फीस कटवाने के लिए आम आदमी लाइन में होता है और दलाल अंदर।
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अंदर से थोक के भाव कटवाते हैं पर्ची
लर्निंग और स्थायी लाइसेंस बनवाने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क की पर्ची अटल सेवा केंद्र में काटी जाती है। यहां बने काउंटर पर आम आदमी लाइन लगाकर फाइल लिए अपनी बारी का इंतजार करता है लेकिन दलाल अंदर घुसकर थोक के भाव फाइलों की पर्ची कटवाता रहता है।
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जब बाहर लाइन में लगा व्यक्ति टोकाटाकी करता है तो उससे सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर चुप करा दिया जाता है। ये नजारा कभी भी काउंटर पर देखा जा सकता है। क्योंकि काउंटर पर सुबह 9 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक ही पर्ची काटी जाती है।

वैसे तो आम आदमी को पर्ची कटवाने के लिए अंदर जाने की इजाजत नहीं है। लेकिन जब बात दलालों की आती है तो अंदर बैठकर पर्ची काटने वाले कर्मचारी ही गेट खोलकर दलालों को अंदर बुला लेते हैं और थोक के भाव उनकी फाइलों की पर्चियां काटते हैं।

ये है सरकारी शुल्क
सरकारी नियमानुसार लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदक को 10 रुपये फाइल शुल्क, 30 रुपये डाक खर्च, बाइक-स्कूटर के लिए 150 रुपये, कार व जीप के लिए 150 रुपये, टेस्ट के लिए 50 रुपये डीआईटीएस, 150 रुपये लगते हैं।

यानी अलग अलग लाइसेंस के लिए 540 रुपये  तक खर्च आता है। यदि बाइक के साथ कार, जीप अथवा ट्रैक्टर का लाइसेंस बनवाते हैं तो 150 रुपये की दर से शुल्क और जुड़ जाएगी। लेकिन दलाल इसके लिए लोगों से 2500 रुपये से 3000 रुपये तक वसूलता है।

जबकि स्थायी लाइसेंस का शुल्क खर्च 400 रुपये, बाइक स्कूटर का 300 रुपये, कार व जीप का 300, ट्रैक्टर का 300 रुपये तथा 250 रुपये डीआईटीएस फीस लगती है।

अर्थात 950 रुपये सरकारी शुल्क जमा करा लाइसेंस बनवा सकते हैं। लेकिन यहां सक्रिय दलाल सभी झंझटों से मुक्ति दिलाने की बात कर लोगों से 4500 से 5000 रुपये तक वसूलता है।


-लाइसेंस बनवाने बड़ी संख्या में कोर्ट वाले भी आते रहते हैं। किस किसको मना किया जा सकता है। मुझे अंदर से पर्ची कटवाने की जानकारी नहीं थी। यदि ऐसा है तो उसे बंद करा दिया जाएगा। जब सरकार ने ऑनलाइन सेवा शुरू कर दी है तो दलालों के पास जाने की लोगों की जरूरत ही क्या है। हेल्पलाइन से नि:शुल्क आवेदन किया जा सकता है।-जितेंद्र दहिया, एसडीएम एवं एडीसी

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