सस्ते हॉलीडे पैकेज के नाम पर ठगी का हुआ भंडाफोड़, मुंबई के पीड़ित ने किया खुलासा
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सस्ते हॉलीडे पैकेज के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह का नोएडा पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने खुलासा करते हुए चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी कॉल सेंटर से देशभर के लोगों को ठगते थे।
दक्षिण भारतीय लोगों को ये ज्यादातर शिकार बनाते थे, ताकि दूर होने के कारण वह नोएडा आकर शिकायत दर्ज न करा सकें। एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम सेल को मुंबई के बिरेंद्र सुरेश गुप्ता ने हॉलीडे पैकेज के नाम पर ऑनलाइन ठगी की शिकायत की थी।
इसके अलावा लगभग 10-15 अन्य लोगों ने भी ऑनलाइन शिकायत की थी। इन शिकायतों पर जांच के दौरान सेल को सेक्टर-65 में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का पता चला। बुधवार शाम को टीम ने कॉल सेंटर पर छापा मारा।
यहां से चार लोगों को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। इनमें बिजनौर निवासी इमरान, हाथरस निवासी पंकज शाह, इंदिरापुरम निवासी दीप किशोर और कन्नौज निवासी अंकित चौहान शामिल हैं।
बीटेक किया है ठगों ने
इमरान और पंकज ने बीटेक किया है। पूछताछ के बाद बृहस्पतिवार को चारों को फर्जीवाड़ा करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। चारों सेक्टर-65 में आप सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे।
इनके कॉल सेंटर से पांच कंप्यूटर, लैपटॉप, लैंडलाइन व मोबाइल फोन और काफी मात्रा में कॉलिंग डाटा भी साइबर क्राइम सेल ने जब्त किया है। इसी कॉलिंग डाटा के आधार पर ये लोगों को फोन कर सस्ते हॉलीडे पैकेज का लालच देते थे।
पूछताछ में पता चला है कि ये गिरोह मुख्य रूप से महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गुजरात और राजस्थान के लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। इन राज्यों में आरोपियों ने हजारों लोगों से लाखों रुपये की ठगी की है।
इनके बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। बैंकों से इनके खातों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है जिससे पता चलेगा कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों से कितने की ठगी की है। आरोपी पकड़े जाने से बचने के लिए केवल ऑनलाइन भुगतान ही लेते थे।
एक साल से कर रहे थे फर्जीवाड़ा
एसपी सिटी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी लगभग एक साल से फर्जीवाड़ा कर रहे थे। ये लोग बेहद सस्ते हॉलीडे पैकेज में लैपटॉप और मोबाइल जैसे आकर्षक उपहार का भी झांसा देते थे।
पैकेज लेने के बाद लोगों को उपहार का सामान नहीं मिलता था। इसके बाद उनसे अलग-अलग बहाने से और रकम वसूली जाती थी। आरोपी पहले भी कई जगह फर्जी कॉल सेंटर चला चुके हैं।
पुलिस से बचने के लिए ये लोग अपना नाम-पता बदलते रहते थे। ये लोग अमूमन कॉल सेंटर चलाने का पूरा सामान किराये पर लेते हैं। जब भी इन्हें पकड़े जाने का डर होता था तो ये सामान छोड़कर तुरंत पता बदल देते थे।
शुरू में कुछ समय सही से किया था काम
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शुुरुआत में कुछ समय तक सही तरीके से काम किया था, लेकिन बेहद कम कीमत पर पैकेज देने और उसमें उपहार देने से इन्हें भारी नुकसान हुआ और इनका खर्च तक नहीं निकल पा रहा था।
इसके बाद फर्जीवाड़ा करना शुरू किया। कई लोगों को पैकेज बुक कर छुट्टी मनाने के लिए भेज दिया। जब लोग छुट्टी वाली जगह पहुंचे तो पता चला कि होटल में उनके नाम से कोई बुकिंग ही नहीं है।