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बिना जमीन गोवा में प्रोजेक्ट बेचने वाले बिल्डर पर ठगी का मामला दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Tue, 26 Jul 2016 12:35 AM IST
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डीएलएफ फेस वन में रहने वाले दो लोगों पर आरोप है कि जनता को गुमराह कर गोवा में फार्म हाउस दिलाने के नाम पर ठगी की है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच रिपोर्ट के बाद डीएएलएफ फेस वन थाना पुलिस ने बिल्डर प्रबंधन के दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है।
सेक्टर 14 में रहने वाले निशांत सिंघल ने डीएलएफ फेस वन थाना पुलिस को शिकायत दिया। जिसमें अमोर बिल्ड वेल्ड कंपनी के डाइरेक्टर सलज जैन व विकास गुप्ता पर आरोप लगाया कि उन्होंने गोवा में एक प्रोजेक्ट लांच किया था। जिसका विज्ञापन देकर लोगों से निवेश भी कराया।
दोनों पर आरोप है कि वह कंपनी में 75 प्रतिशत के पार्टनर थे और उसे 25 प्रतिशत का पाटर्नर बनाया। बाद में उसे पता चला कि उसने अपने जिन निवेशकों से उसने कंपनी में 40 लाख रुपया जमा कराया था।
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उसे वह किसी अन्य कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर निकाल लिया। उसने मामले छानबीन की तो पता चला कि गोवा में उनके पास कोई जमीन ही नहीं है। मामने की जांच आर्थिक अपराध शाखा को दी गई। जिसकी जांच में अमोर बिल्ड वेल कंपनी सलज जैन व विकास गुप्ता को दोषी पाया।
डीएलएफ फेस वन थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है। एसीपी हवा सिंह के अनुसार आथिक अपराध शाखा की जांच में पाया गया कि आसरोपियों ने बिना जमीन के ही अखबार में विज्ञापन जारी कर ठगी की घटना को अंजाम दिया है।
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सेक्टर 14 में रहने वाले निशांत सिंघल ने डीएलएफ फेस वन थाना पुलिस को शिकायत दिया। जिसमें अमोर बिल्ड वेल्ड कंपनी के डाइरेक्टर सलज जैन व विकास गुप्ता पर आरोप लगाया कि उन्होंने गोवा में एक प्रोजेक्ट लांच किया था। जिसका विज्ञापन देकर लोगों से निवेश भी कराया।
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दोनों पर आरोप है कि वह कंपनी में 75 प्रतिशत के पार्टनर थे और उसे 25 प्रतिशत का पाटर्नर बनाया। बाद में उसे पता चला कि उसने अपने जिन निवेशकों से उसने कंपनी में 40 लाख रुपया जमा कराया था।
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उसे वह किसी अन्य कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर निकाल लिया। उसने मामले छानबीन की तो पता चला कि गोवा में उनके पास कोई जमीन ही नहीं है। मामने की जांच आर्थिक अपराध शाखा को दी गई। जिसकी जांच में अमोर बिल्ड वेल कंपनी सलज जैन व विकास गुप्ता को दोषी पाया।
डीएलएफ फेस वन थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है। एसीपी हवा सिंह के अनुसार आथिक अपराध शाखा की जांच में पाया गया कि आसरोपियों ने बिना जमीन के ही अखबार में विज्ञापन जारी कर ठगी की घटना को अंजाम दिया है।