एक करोड़ की फिरौती के लिए दो दोस्तों ने अगवा कर मार डाला था अंकित
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वेलकम इलाके में एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अगवा किए गए अंकित गुप्ता (17) की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने अंकित के दो दोस्तों को उसकी हत्या के आरोप में दबोचा है।
एक आरोपी नाबालिग है, जबकि दूसरे की पहचान जिशान (19) के रूप में हुई है। दोनों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अंकित को अगवा कर हत्या कर दी। बाद में वे रुपये लेने के लिए परिवार को इधर-उधर टहलाते रहे।
बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की वजह से दोनों ही जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हत्याकांड पर बोलने से बचते रहे। हालांकि इतना जरूर कहा की हवाबाजी और बुरी संगत की वजह से अंकित को अगवा कर उसकी हत्या की गई।
पुलिस के मुताबिक अंकित परिवार के साथ 1228, हरिओम गली नंबर-2, बाबरपुर में रहता था। इसके परिवार में पिता अनिल गुप्ता, मां मीरा गुप्ता, तीन भाई व एक बहन हैं। अंकित विक्टोरिया पब्लिक स्कूल में 12वीं का छात्र था। गत 11 फरवरी को दोपहर वह किसी काम से निकला।
न आरोपियों ने रुपये लिए और न ही अंकित की जानकारी दी
इस बीच उसे अगवा कर लिया गया। परिवार उसकी तलाश करता रहा उधर बादलपुर गौतमबुद्ध नगर में 14 फरवरी को अंकित का शव मिला। बिना पहचान कराए पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर 17 फरवरी को अंकित का अंतिम संस्कार कर दिया। मामले की छानबीन के लिए पूर्वी व उत्तर-पूर्वी जिला को लगाया गया। 22 मार्च को दिल्ली पुलिस को अंकित की हत्या का पता चला।
तभी से पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से नकली आईडी द्वारा लिए गए मोबाइल नंबरों से परिवार को कॉल की। एक करोड़ की फिरौती मांगने के बाद 20 लाख में सौदा तय हुआ, लेकिन न आरोपियों ने रुपये लिए और न ही अंकित की जानकारी दी।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसके क्लासमेट रहे नाबालिग लड़के व एक अन्य युवक जिशान को दबोच लिया है। दोनों ने बाकी आरोपियों के साथ मिलकर अंकित की हत्या कर शव गौतमबुद्ध नगर में फेंक दिया था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन में जुटी हुई है।