चलती कार में अचानक यूं लगी आग कि मां संग मासूम बेटा भी आ गया इसकी लपटो में
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रबूपुरा-फलैंदा मार्ग पर रविवार देर रात सीएनजी कार में आग लगने से एक महिला और उसके दो साल के बेटे की मौत हो गई। इस हादसे में कार चला रहे महिला के ससुर मदनपाल बाल-बाल बच गए।
इस मामले में महिला के पिता ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। इस घटना के बारे में पुलिस मदनपाल से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से बुलंदशहर स्थित गांव कपना (ककोड़) निवासी मदनपाल कई वर्षों से सपरिवार फरीदाबाद मेें रहते हैं। मदनपाल का पोता मुकुल (2) शारीरिक कमजोरी की वजह से बैठ नहीं पाता था।
रविवार को मुकुल की दवा लेने के लिए मदनपाल पुत्रवधू सरोज (28) के साथ कार से बुलंदशहर स्थित बीबीनगर गए थे। बीबीनगर से लौटते वक्त रबूपुरा-फलैदा मार्ग पर रात सवा दस बजे अचानक उनकी कार में आग लग गई।
ससुर ने बहु को बचाने की कोशिस में रहा नाकाम
पुलिस के मुताबिक मदनपाल किसी तरह शीशा तोड़कर कार से बाहर निकल गए। उन्होंने सरोज और मुकुल को भी बचाने का प्रयास किया लेकिन उन्हें नहीं निकाल पाए।
जब तक पुलिस मौके पर पहुंची तब तक जलने से सरोज और मुकुल की मौत हो गई थी। पुलिस ने दोनों के क्षतविक्षत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बेटी की मौत की खबर सुनकर रबूपुरा कोतवाली पहुंचे सरोज के पिता कमल ने ससुराल वालों पर ही साजिश रचकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी।
कमल का कहना था कि उन्होंने सात साल पहले सरोज का विवाह किया था। विवाह के बाद से सरोज का पति बंटी, ससुर मदनपाल, सास उसके साथ मारपीट करते थे। आरोप है कि उत्पीड़न के चलते सरोज मायके में रह रही थी। एक माह पहले ही आरोपी उसे अपने घर लेकर गाए थे।
'शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।' - राजवीर सिंह चौहान, कोतवाली प्रभारी