खौफ ऐसा कि गैंगरेप पीड़िता के परिवार ने बाहर से लगाया ताला, अंदर बैठा था पूरा परिवार
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मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान में आरोपियों का नाम न लेने के लिए दलित किशोरी और उसके परिजनों को लगातार धमकियां मिल रही हैं। शुक्रवार को महिला संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने पहुंचा तो घर पर ताला लगा हुआ था और पूरा परिवार घर के अंदर बैठा हुआ था।
प्रतिनिधिमंडल उसके दादा और बहन से मिलकर उसे पूरी तरह सहयोग का आश्वासन देकर आया है। वहीं, शनिवार को 164 के अंतर्गत बयान दर्ज करने के लिए उसे पुलिस सुरक्षा में घर से न्यायालय ले जाया जाएगा।
गामा-2 में एक म्यूजिक सेंटर पर पिछले दिनों एक दलित किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था।
पूरा परिवार घर के अंदर बैठा हुआ था
शुक्रवार को पीड़ित किशोरी से ग्रेटर नोएडा के महिला संगठन महिला शक्ति सामाजिक उत्थान मंडल का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जब मिलने पहुंचा तो घर पर ताला लगा हुआ था और पूरा परिवार घर के अंदर बैठा हुआ था।
संगठन की सदस्य रूपा गुप्ता ने बताया कि फोन पर उसके पिता से बात करने के बाद में बड़ी मुश्किल में किशोरी के दादा और उसकी बहन से प्रतिनिधिमंडल की बातचीत हो पाई।
प्रतिनिधिमंडल से उन्होंने बताया कि आरोपियों के मिलने वालों की ओर से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। वहीं, कई तरफ से दबाव बनाया जा रहा है कि किशारी आरोपियों के खिलाफ बयान न दे।
पुलिस सुरक्षा में होंगे 164 के तहत बयान दर्ज
वहीं, महिला संगठन ने उनको किसी भी तरह की परेशानी पर साथ खड़े रहने का भरोसा दिया है। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में सुभाष भाटी, किरण शर्मा, सीमा शर्मा, गुड्डी वर्मा, रूपा गुप्ता आदि मौजूद रहे। कासना थाना प्रभारी ने बताया कि किशोरी के परिजन ने किसी भी तरह की धमकी मिलने की शिकायत नहीं की है। हालांकि, पुलिस अपनी तरफ से स्वयं कदम उठा रही है।
किशोरी को पुलिस सुरक्षा में शनिवार को सूरजपुर न्यायालय में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करने के लिए ले जाया जाएगा। इस दौरान घर से लेकर न्यायालय और न्यायालय से वापस घर तक जाने के लिए किशोरी को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।