चलती कार में घंटों गैंगरेप करने वाला दरिंदा भी पहुंचा सलाखों के पीछे
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राजीव गांधी चौक से युवती के अपहरण व कार में सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में क्राइम ब्रांच बीपीटीपी ने फरार चल रहे चौथे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
उसे बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं पुलिस रिमांड पर चल रहे तीनों आरोपियों से पुलिस ने युवती के सोने के टॉप्स भी बरामद कर लिए हैं। इनका पुलिस रिमांड बृहस्पतिवार को समाप्त होगा।
क्राइम ब्रांच बीपीटीपी प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि फरार चल रहे चौथे आरोपी को उनकी टीम ने बृहस्पतिवार को कैली चौक के पास से पकड़ा है। आरोपी पुन्हाना निवासी अफजल उर्फ पकई है।
वारदात के दौरान अफजल गाड़ी चला रहा था और उसने युवती के साथ दुष्कर्म करने से मना कर दिया था। फरारी के दौरान अफजल मेवात के अलावा राजस्थान में भी छिपा था।
पुलिस उसे बृहस्पतिवार को अदालत में पेश कर, उसे शिनाख्त परेड के लिए जेल भेजने का अनुरोध करेगी। शिनाख्त होने के बाद उसे रिमांड पर लिया जाएगा।
वहीं इस मामले में पुलिस रिमांड पर चल रहे पुन्हाना निवासी संजीव उर्फ संजू, अरशद व अशोक ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि स्कोर्पियो गाड़ी की सर्विस करवाने के बाद तीनों वापस पुन्हाना के लिए निकले थे।
रास्ते में अशोक और संजीव ने बियर पी थी। इसी दौरान उन्हें रास्ते में युवती दिखाई दी, जिसे उन्होंने गाड़ी में खींच लिया था। दुष्कर्म करने के बाद जब उन्होंने उसे सीकरी के पास उतारा तो अरशद ने उसके कानों से सोने के टॉप्स भी उतार लिए थे।
पुलिस ने अरशद के घर से टॉप्स बरामद कर लिए हैं। तीनों का बृहस्पतिवार को रिमांड समाप्त होने पर अदालत में पेश किया जाएगा। आरोपी पहले किसी आपराधिक वारदात में शामिल नहीं हैं।
ये है पूरा मामला
गत 13 जनवरी की शाम करीब सात बजे राजीव गांधी चौक के पास से स्कार्पियो कार सवार चार युवकों ने एक युवती का अपहरण कर लिया था।
बदमाश करीब तीन घंटे तक युवती को कार में घुमाते रहे और चलती कार में उसके साथ तीन युवकों ने दुष्कर्म किया था। आरोपी रात को करीब 10 बजे युवती को सीकरी के पास छोड़कर चले गए थे।
इस मामले में पुलिस की बहुत किरकिरी हुई। प्रदेश सरकार ने इस मामले में पुलिस आयुक्त डा. हनीफ कुरैशी का तबादला भी कर दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की दस टीमों के अलावा महिला थाना पुलिस व ओल्ड फरीदाबाद थाना पुलिस इसकी जांच में जुटी हुई थी।