फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   fake rape cases are a big problem for delhi police

फंसाने का हथियार भी बन रहा है दुष्कर्म

Thu, 17 Jul 2014 01:58 PM IST
Updated Thu, 17 Jul 2014 01:58 PM IST
विज्ञापन
fake rape cases are a big problem for delhi police

दिल्ली के ख्याला निवासी रवि पड़ोस की लड़की से प्रेम करता था। दोनों में दो साल से प्रेम संबंध थे। लड़की बालिग थी लेकिन उसके परिजनों ने रवि के खिलाफ पॉक्सो के तहत यौन शोषण का मुकदमा दर्ज करा दिया।

विज्ञापन


मुकदमे का फैसला होने से पहले ही रवि ने आत्महत्या कर ली। पुलिस अब मामले में क्लोजर रिपोर्ट फाइल करने की तैयारी कर रही है। राजधानी में ऐसे फर्जी मुकदमों की बाढ़ सी आई हुई है, जिनकी चपेट में युवक, कारोबारी व वकील आ चुके हैं।
विज्ञापन


कहीं शातिर महिलाएं तो कहीं गैंग कानून का गलत इस्तेमाल कर रहा है। दुष्कर्म संबंधी कानून के दुरुपयोग पर अदालतें भी चिंता जाहिर कर चुकी हैं। कई मुकदमों को फर्जी करार दिया जा चुका है लेकिन कथित पीड़िताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक महिला ने दर्ज कराए दर्जन भर मामले

fake rape cases are a big problem for delhi police

शातिर महिलाओं ने दुष्कर्म संबंधी कानून को रंगदारी वसूलने के लिए खतरनाक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय ये महिलाएं दर्जनों मुकदमे दर्ज करा रही हैं।

पूर्वी दिल्ली में भी एक महिला ने दुष्कर्म के करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज करवाए। महिला के खिलाफ रंगदारी के करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। कई मामलों में यह महिला पीओ (भगोड़ा) भी है।

एक पुराने मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने उसके खिलाफ डरा-धमका कर रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है। महिला गिरफ्तारी के बाद 11 जुलाई 2013 से तिहाड़ जेल में है।

संगठित गैंग करा रहे मामले दर्ज

fake rape cases are a big problem for delhi police

रोहिणी जिला अदालत में एक मामले में आरोपी नरेंद्र पाल कश्यप के पिता ने इस मामले के पीछे संगठित गिरोह का हाथ बताया। उनका आरोप था कि पीड़िता संगठित गिरोह की सदस्य है और दुष्कर्म के करीब दस मामलों में कई लोगों पर केस दर्ज करा रखे हैं। डीसीपी की रिपोर्ट में भी इस तथ्य का खुलासा हुआ।
 
लिव-इन रिलेशन के कुछ मामलों में युवती सहमति से शारीरिक संबंध बनाती हैं और विवाद होने पर दुष्कर्म का मामला दर्ज करा दिया जाता है। सहमति से शारीरिक संबंध व लिव-इन में रहना कानून की नजर में अपराध नहीं है।

इसके मद्देनजर पुलिस आयुक्त ने मौखिक आदेश पुलिस को दिया है कि लिव-इन या सहमति से बने शारीरिक संबंधों के बाद दर्ज मामलों में संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी की अनुमति के बाद ही गिरफ्तारी की जाए।

नुकसान की करनी होगी भरपाई

fake rape cases are a big problem for delhi police

कानून का दुरुपयोग करने वाली महिलाएं इतनी खतरनाक हैं कि पुलिस भी आसानी से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं करती। पूर्वी दिल्ली में मुकदमे दर्ज कराने वाली महिला को अदालत भगोड़ा घोषित कर चुकी है लेकिन पुलिस उस पर हाथ नहीं डालती।

जो उसके सामने आने की कोशिश करता है, वह उसके खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा देती है। ऐसे एक मामले में आरोपी की जमानत कराने वाले अधिवक्ता आरके चौधरी भी फंस चुके हैं। उनके व अन्य कई लोगों के खिलाफ थाना तिलक मार्ग में महिला ने मुकदमा दर्ज कराया था।
 
वसंत विहार गैंगरेप के बाद सरकार ने दुष्कर्म संबंधी कानून में संशोधन कर उसे ज्यादा कठोर बनाया ताकि अपराधियों को कड़ी सजा मिले। सरकार ने विशेष अदालतें बनाईं, जिससे पीड़िता को शीघ्र न्याय मिले। कानून में बदलाव के बाद पुलिस ने आनन-फानन में दुष्कर्म व यौन शोषण के मुकदमे दर्ज करने शुरू कर दिए। इसके बाद दुष्कर्म के मुकदमों की बाढ़ आ गई। इनमें से कई फर्जी थे।

देखिए एनसीआरबी के आंकड़े़

fake rape cases are a big problem for delhi police

- 2012 में 24923 मामले दर्ज हुए देश में
- 2013 में 33707 मामले दर्ज हुए देश में
- 95 फीसदी में पेश हुई चार्जशीट
- 27 फीसदी मामलों में सजा हुई
- 63 फीसदी में आरोपी बरी हुए

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed