पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो बदमाशों ने सोमवार को भागने के चक्कर में चौकी में तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक की मार-पीटकर हत्या कर दी। बाद में भाग रहे उन दोनों बदमाशों को पास ही स्थित एक सरकारी स्कूल के बच्चों ने पकड़ लिया और वापस पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उक्त बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया है।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए तथा मृतक एएसआई के शव का पलवल के जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। रविवार की देर रात को पुलिस की अपराध जांच शाखा को मुखबिर की सूचना मिली कि उझीना ड्रेन के पास दो बदमाश पुलिस अधिकारी बनकर वाहन चालकों को लूटने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। इस टीम में सहायक उपनिरीक्षक राजवीर सिंह भी था।
पुलिस टीम ने मौके से लूट की योजना बना रहे बागपुर थाना चांदहट निवासी रविंद्र उर्फ़ बब्बल पुत्र बुधन व मोरा थाना वृंदावन यूपी निवासी लखन पुत्र बदन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से उस समय मौके पर दो मोटरसाइकिल, एक देशी कट्टा व एक जिन्दा कारतूस और एक लोहे की राड भी बरामद की थी। दोनों बदमाशों को पुलिस सीआइए चौकी में ले आई।
सोमवार को चौकी में तैनात सारा स्टाफ मथुरा किसी आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए दबिश देने चली गई। चौकी में केवल एएसआइ राजवीर ही रह गया। वह गिरफ्तार इन दोनों बदमाशों के अदालत में पेश करने के लिए कागजात तैयार कर रहा था तथा बदमाश चौकी में पड़ी चारपाई के साथ रस्सी से बांधे हुए थे। राजवीर को चौकी में अकेला देख तथा दोनों बदमाशों ने अपने आप को रस्सी से मुक्त कर लिया तथा भागने का प्रयास करने लगे।
यह देख एएसआई राजवीर ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन विकलांग होने के कारण वह उन पर काबू नहीं पा सका। इस दौरान दोनों बदमाशों ने राजवीर पर हमला बोल दिया तथा उसके साथ हाथापाई करनी शुरू कर दी। अपने आप को असुरक्षित महसूस पाते हुए राजवीर ने शोर मचाना शुरू कर दिया। यह देख पास के ही सरकारी स्कूल के बच्चे दौड़कर वहां आ गए तथा बदमाशों को दबोचा, लेकिन उससे पहले एएसआई राजवीर की बदमाशों द्वारा की गई मारपीट से मौत हो चुकी थी।