जासूसी कांड: गोपनीय कागजात की ओरिजनल कॉपी ही पाक एंबेसी को देता था सांसद का पीए
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इनमें ज्यादातर गोपनीय कागजात गृहमंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के थे। अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सांसद का पीए होने के कारण उसके पास कई मंत्रालयों की गोपनीय कागजात की ओरिजनल कॉपी आती थी।
जासूसी रैकेट में जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। दिल्ली पुलिस की टीमें दिल्ली व एनसीआर में बुधवार देर शात छापेमारी कर रही थीं।
ओरिजनल कॉपी आती थी तो पाक एंबेसी के अधिकारियों को फोन करता था
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जैसे ही फरहत के पास गोपनीय कागजात की ओरिजनल कॉपी आती थी तो ये पाक एंबेसी के अधिकारियों को फोन करता था। पाक एंबेसी के अधिकारी इससे कागजात लेने आ जाते थे।
गोपनीय दस्तावेज देने के लिए मंडी हाउस, कनॉट प्लेस, मेट्रो स्टेशन और समेत तीन से चार जगह बना रखी थीं और इन जगहों के कोड नाम रखे हुए थे। फरहत खान खुद कागजात देने जाता था। इस मामले में पहले से गिरफ्तार मौलाना रमजान व शोएब हसन के कब्जे से बीएसएफ व आर्मी से जुड़े काफी मात्रा में गोपनीय दस्तावेज मिले हैं।
दिल्ली पुलिस की दो से ज्यादा टीमें जैसलमेर व नागौर गई हैं। अपराध शाखा अधिकारियों के अनुसार, ये टीमें जब्त कागजात लेकर राजस्थान में बीएसएफ व सेना के पास गई हैं और ये देखा जा रहा है कि दस्तावेज कितने गोपनीय व संवेदनशील हैं।
इसके अलावा पुलिस मौलाना रमजान, सुभाष जांगिड़ व शोएब हसन के घर पर तलाशी लेगी। पुलिस यह भी पता करेगी कि ये आरोपी किससे मिलते थे और किससे सेना के गोपनीय दस्तावेज लेते थे। पुलिस शोएब के पिता व भाइयों की भी तलाश कर रही है।