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ई-रिक्शा डाल रहे हैं आम आदमी की जेब पर डाका, हर साल होती है 200 करोड़ तक की बिजली चोरी

Wed, 02 Nov 2016 11:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 02 Nov 2016 11:21 AM IST
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e-rikshaw charging is giving crores of power theft in delhi
- फोटो : अमर उजाला

सड़कों पर दिल्ली वालों के लिए सिरदर्द बन रहा ई-रिक्शा अब आम लोगों की जेब पर भी डाका डाल रहा है। एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली में करीब एक लाख ई-रिक्शा हैं, जिसमें ज्यादातर रिक्शा अवैध तरीके से बिजली इस्तेमाल कर चार्ज किए जा रहे हैं।

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बिजली वितरण कंपनियों का दावा है कि ई-रिक्शा की वजह से सालाना करीब 200 करोड़ रुपये की बिजली चोरी हो रही है। इसका खामियाजा आम बिजली उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। दरअसल, बिजली कंपनियां अपने आय-व्यय का ब्योरा दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) को सौंपती है और अपने घाटे की भरपाई की मांग करती है। घाटे की भरपाई दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं को ही करना पड़ता है।
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बिजली वितरण कंपनी राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड के अलावा टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) इलाके में भी हजारों की संख्या में ई-रिक्शा को अवैध तरीके से चार्ज किया जा रहा है।

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50 मामले दर्ज किए गए

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अवैध तरीके से बिजली इस्तेमाल कर ई-रिक्शा चार्ज करने वालों के खिलाफ अभियान भी चलाया गया और 50 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों की सुनवाई अलग-अलग बिजली अदालतों में चल रही है, इसके बावजूद बिजली चोरी कर ई-रिक्शा चार्ज करने के मामलों में कमी नहीं आई है।

बिजली कंपनी के मुताबिक प्रतिदिन एक ई-रिक्शा को चार्ज करने में सात से 10 यूनिट की बिजली खपत होती है। इस तरह वर्ष में एक ई-रिक्शा 2500 से 3600 यूनिट बिजली की खपत करता है। एक ई-रिक्शा पर सालाना 21 हजार से 30 हजार रुपये की बिजली की खपत हो रही है।

एक वर्ष में अवैध तरीके से बिजली इस्तेमाल कर ई-रिक्शा के चार्ज करने से 170 से 200 करोड़ रुपये की बिजली चोरी की जा रही है। बिजली कंपनियों का कहना है कि अवैध तरीके से ई-रिक्शा को चार्ज करने के लिए लोकल माफिया प्रति रिक्शा 70 रुपये से 100 रुपये प्रतिदिन शुल्क लेते हैं। आमतौर पर यह कारोबार रात के अंधेरे में चलता है।

इन इलाकों में होती है ज्यादा बिजली चोरी
केशवपुरम, सिविल लाइंस, रघुबीर नगर, टैगोर गार्डन, मादीपुर, संगम विहार, बाटला हाउस, कालका जी, सराय काले खां, दक्षिणपुरी, ईस्ट सागरपुर, सीलमपुर सहित कुछ अन्य इलाके।  
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