मेडिकल के दौरान बुलंदशहर गैंगरेप के आरोपियों के चेहरों पर नहीं दिखा कोई खौफ
हाईवे पर हैवानियत के मुख्य आरोपी समेत तीन आरोपियों का पुलिस ने मंगलवार को मेडिकल कराया। बेहद गोपनीय तरीके से पुलिस आरोपियों को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लाई और गुपचुप तरीके से पिछले से निकालकर वापस ले गई।
आरोपियों के मेडिकल से पहले जिला अस्पताल को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। हाईवे पर हैवानियत के मुख्य आरोपी सलीम बावरिया, जुबेर और साजिद को पुलिस ने सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने मंगलवार सुबह करीब 9:45 पर तीनों का मेडिकल जिला अस्पताल में कराया। पुलिस तीनों को पीछे के रास्ते से गोपनीय ढंग से मेडिकल कराने लाई और करीब 25 मिनट के बाद पीछे के रास्ते से ही गुपचुप तरीके से लौट गई।
पुलिस ने रईस को रिमांड पर नहीं लिया
पुलिस ने आरोपियों का मेडिकल कराने से पहले जिला अस्पताल को छावनी में तब्दील कर दिया। मेडिकल के दौरान किसी को भी इमरजेंसी में अंदर नहीं जाने दिया।
मेडिकल के दौरान तीनों बदमाशों के चेहरे पर भी कोई खौफ नहीं था।
तीनों बदमाश सामान्य व्यक्ति की तरह अपना मेडिकल करा रहे थे। चेहरे पर तनिक भी शिकन की लकीरें नहीं थीं। एक बदमाश के चेहरे पर चोट के निशान भी थे, जिसे मेडिकल के दौरान साफ भी किया गया। पुलिस मेडिकल के बाद तीनों आरोपियों को लेकर नोएडा के लिए रवाना हो गई।
पुलिस कब लेगी रईस का रिमांड
हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में पहले गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से दो को पुलिस ने रिमांड पर लिया है, लेकिन रईस को पुलिस ने रिमांड पर नहीं लिया है।
पुलिस को डर है कि यदि रईस को रिमांड पर लिया तो उसके परिजन, ग्रामीण फिर धरना-प्रदर्शन कर सकते हैं। हालांकि पुलिस रईस की रिमांड न लेने के पीछे कोई और ही- वजह बता रही है।
रईस के परिजनों और ग्रामीणों ने किया था प्रदर्शन
पुलिस ने गैंगरेप मामले में सुतारी निवासी रईस, हापुड़ निवासी शाबेज और रबूपुरा निवासी जबर सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। जेल भेजने से पहले पुलिस ने रईस की शिनाख्त पीड़ित परिवार से कराई थी।
रईस के परिजनों व ग्रामीणों ने रईस को निर्दोष बताते हुए एसएसपी ऑफिस पर प्रदर्शन किया था। पुलिस ने रईस को छोड़कर जबर सिंह और शाबेज को तीन दिन की रिमांड पर लिया है।
रईस को रिमांड पर न लेने के पीछे पुलिस की दलील है कि यदि तीनों को एक साथ रिमांड पर लिया तो आरोपियों के बयानों में विरोधाभास नहीं मिलेगा। जबकि सच्चाई है कि पुलिस रईस के परिजनों व ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन नहीं चाहती।