आग बुझाने के दौरान सिलेंडर फटा, भीषण आग में 30 झुलसे
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बुध विहार इलाके में बृहस्पतिवार दोपहर एक कबाड़ के गोदाम में आग लग गई। आग लगते ही आसपास के लोग आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंच गए। लेकिन गोदाम में अचानक जोरदार धमाका हुआ और आग का गोला बाहर की ओर आया।
जिसके चपेट में आने से 30 लोग झुलस गए। सभी को अलग अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ग्यारह लोग 40 से 50 फीसदी तक झुलस गए हैं। पंद्रह लोगों को लोक नायक अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। विजय विहार थाना पुलिस ने एक पीड़ित के बयान पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार बुध विहार के शुक्र बाजार रोड पर एक कबाड़ का गोदाम है। यह गोदाम जय नारायण नाम के शख्स का है। पचास गज में फैले इस गोदाम में प्लास्टिक, कागज समेत अन्य कबाड़ रखे हुए हैं।
एसडीएम ने आग में 30 लोगों के झुलसने की बात कही
दोपहर करीब ढाई बजे गोदाम में आग लग गई। आग की लपटें निकलता देख आसपास के लोग आग बुझाने के लिए पानी लेकर वहां पहुंचे। साथ ही कुछ लोग तमाशबीन बनकर गोदाम के पास खड़े थे। जैसे ही उन लोगों ने दरवाजा खोला अचानक जोरदार विस्फोट हुआ और आग का गोला बाहर की ओर आया। आग की लपटों में आकर वहां मौजूद 30 लोग झुलस गए।
इसी बीच आग लगने की सूचना पर दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और घायलों को कैटस एंबुलेंस के जरिए संजय गांधी व अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से झुलसे 15 लोगों को लोक नायक और सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
दमकल की छह गाडिय़ों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग लगने की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम तपन झा और तहसीलदार अमित कुमार मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने आग में 30 लोगों के झुलसने की बात कही। उन्होंने बताया कि पीड़ित लोगों को मुआवजा देने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।
सिलेंडर में हुआ विस्फोट
जांच के दौरान पुलिस को गोदाम से कुछ सिलेंडर के टुकड़े मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि सिलेंडर विस्फोट की वजह से ही लोग आग के चपेट में आए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी मामले की जांच की जा रही है।
कबाड़ के गोदाम में लगी आग को देखने पहुंचे ज्यादातर लोग इसके शिकार हुए। शिकार होने वालों में आधा दर्जन महिला और पांच बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा कुछ लोग ऐसे हैं जो आग बुझाने के लिए पहुंचे थे। जिसमें अमित सिंह, विष्णु, फकीर चंद्र, संजय, जतीन, मनोहर, मोहित, रोहित, सोनू, विपिन, विनोद, राजकुमार, मुकेश और शेखर शामिल हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि दमकल की गाड़ियां काफी देर से पहुंची। इसलिए स्थानीय लोगों को आग बुझाने के लिए जाना पड़ा। फकीर चंद्र के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
प्राथमिक जांच में अभी तक आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है लेकिन पुलिस का कहना है कि कबाड़ गोदाम में रखे प्लास्टिक, कागज, गत्ते व अन्य ज्वलनशील पदार्थ से आग भड़क गई।