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पार्टियों में परोसा जा रहा खतरनाक 'आइटम'

Tue, 26 Aug 2014 07:36 PM IST
Updated Tue, 26 Aug 2014 07:36 PM IST
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drugs cases in rave parties in delhi increasing.

विशेषज्ञों के अनुसार रेव पार्टियों में कागज के ऊपर और पेय पदार्थ में भी इसका सेवन किया जा रहा है जिसके बाद कई घंटों तक इसका असर रहता है। एनसीबी की तरफ से पिछले साल 380 किलो ड्रग्स पकड़ी थी जबकि 2012 में 200 किलो मात्रा पकड़ी गई थी।

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बीते तीन महीनों में 380 फीसदी की हुई बढ़ोतरी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि युवा इस खतरनाक नशे की तरफ आकर्षित हो रहे है। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सुरक्षा के लिहाज से एनसीआर में ऐसी पार्टियों का लगातार आयोजन हो रहा है।
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जिसमें कई नामी होटलों और फार्म हाउस में धड़ल्ले से इसका आयोजन किया जा रहा है। इतना ही नहीं इसके लिए सोशल साइट के जरिये युवाओं को बुलाया जाता है जिसमें मोटी फीस वसूली जाती है। इसके बाद सरकार भी इस नशे के कारोबार पर अकुंश लगाने के लिए काम कर रही है।
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नशीली पार्टियों पर नहीं लगा अंकुश

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राजधानी और आसपास के इलाकों में युवा ड्रग्स जैसे खतरनाक नशे की चपेट में आ रहे हैं। नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की तरफ जारी आंकड़ों में सामने आया कि बीते तीन महीने में दिल्ली-एनसीआर में 1520 किलो ड्रग्स की खेप पकड़ी जा चुकी है जो अबतक की सबसे बड़ी खेप मानी जा रही है।

इस खुलासे के बाद एनसीबी भी दिल्ली-एनसीआर में होने वाली ऐसी पार्टियों पर पैनी नजर रखे हुए है। बीते कुछ सालों में दिल्ली-एनसीआर में रेव पार्टी के आयोजन के भंडाफोड़ के बाद भी इन हाईप्रोफाइल पार्टियों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

एनसीबी की तरफ ने इस साल की कार्रवाई में सामने आया कि बीते तीन महीने में दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी करते हुए कुल 1528 ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी है।

राजधानी में फैल रहे इसके पैर

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रेव पार्टियों में लेसर्जिक एसिड डाइमएथिलमाइड (एलएसडी) का खतरनाक नशा किया जा रहा है। बिना रंग और बिना स्वाद वाले इस ड्रग्स को छोटी सी मात्रा में लेने पर भी खतरनाक नशा होता है। जिसके चलते युवा इसका सबसे ज्यादा सेवन करते है।

सोमवार को गुड़गांव के हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (हिपा) में शुरु हुई ड्रग ट्रैफिकिंग में पहुंचे नेशनल अकादमी ऑफ कस्टमज, एक्साइज तथा नारकोटिक्स (नेशन) के महानिदेशक डॉ. जी श्रीकुमार मैनन ने बताया कि इस नशे को लेकर युवा सबसे ज्यादा आकर्षित हो रहे है।

इसे लेकर सरकार भी सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब के बाद दिल्ली-एनसीआर में भी इसका कारोबार तेजी से फल फुल रहा है।

क्या होती है रेव पार्टी

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रेव पार्टी के बढ़ते क्रेज का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि आईपीएल के खिलाड़ियों से लेकर फिल्मी सितारे तक इसकी चपेट में आ चुके हैं। राहुल महाजन, फरदीन खान से लेकर शक्ति कपूर के बेटे तक पर इन पार्टियों में शामिल होने का आरोप लग चुका है।

असल में यहां पार्टी के नाम पर वह सब होता है जिससे बचने की सलाह हर युवा को दी जाती है। यहां नशा होता है, बेहद तेज म्यूजिक होता है और सेक्स करने की छूट होती है। यानि मौज-मस्ती के नाम पर होने वाली इस पार्टी में शराब, ड्रग्स, नाच- गाना, म्यूजिक, सेक्स इन सभी का तड़का लगाया जाता है ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को आ‌कर्षित किया जा सके।

इन पार्टियों की खास बात होती है कि इनमें लड़कियों की भी अच्छी खासी संख्या होती है। इन पार्टियों में शामिल होने वाली लड़कियों में मॉडल्स से लेकर एयर होस्टेस और बी व सी ग्रेड फिल्मों की अभिनेत्रियां भी होती हैं।

बड़े बाप की बिगड़ी औलादों का स्वर्ग हैं रेव पार्टी

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आमतौर पर मुंबई, पुणे, खंडाला, पुष्‍कर और दिल्‍ली तथा इसके आस-पास का इलाका इन पार्टियों के लिए अक्‍सर चर्चा में रहता है। इन पार्टियों की खास बात होती है कि इनमें शामिल होने वाले लोग खुद को एक-दूसरे का दोस्त बताते हैं और अपने ग्रुप को सर्किट का नाम देते हैं।

पार्टी के आयोजन के बारे में केवल सर्किट के लोगों को ही बताया जाता है। पार्टी की जगह और इसमें शामिल होने वालों को मैसेज और सोशल साइट के जरिए खबर भेजी जाती है ताकि पार्टी की कोई भी सूचना लीक न हो सके। जब भी पुलिस तक इन पार्टियों की खबर पहुंचती है तो इसके लिए अक्सर सर्किट के बाहर के लोगों को ही दोषी ठहराया जाता है।

इन पार्टियों में शामिल होना सबके बस की बात नहीं है। इसमें शामिल होने के लिए आपके जेब में अच्छी खासी रकम होनी चाहिए। यही कारण है कि इन पार्टियों में पकड़े जाने वाले युवा अक्सर किसी बड़े बिजनेसमैन की बिगड़ी हुई औलादें ही होती हैं।

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