डीपी यादव ने माना सट्टा चलाने वालों से है पहचान, करोड़ों की संपत्ति का हुआ खुलासा
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ऑनलाइन सट्टा रैकेट मामले में मकोका के तहत गिरफ्तार पूर्व सांसद डीपी यादव से पुलिस की पूछताछ जारी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो डीपी यादव के पास दस हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति है।
डीपी यादव ने माना है कि सट्टे के मामले में पहले गिरफ्तार रोशनलाल वर्मा और अमरनाथ बजाज व फरार चल रहे योगेश्वर दयाल से उसकी पुरानी पहचान है। हालांकि वह संरक्षण के बदले तीनों से दो लाख रुपये रोजाना लेने की बात से अब भी इनकार कर रहा है।
मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि डीपी यादव तीनों से हल्की जान पहचान होने की बात स्वीकार कर रहा है। मार्च 2015 में जब डीपी यादव जेल से बाहर था, उसकी तीनों से लगातार बातचीत हो रही थी।
बदले में रुपये लेने से पूर्व सांसद ने किया इनकार
पुलिस के पास इसकी सीडीआर भी है। रोशनलाल और अमरनाथ ने पुलिस को बताया है कि डीपी यादव के जेल में बंद होने के कारण वह उसके परिवार को रोजाना दो लाख रुपये दे रहे थे।
फरार चल रहा योगेश्वर तो अब भी डीपी यादव के परिवार को रुपये पहुंचा रहा है। हालांकि डीपी यादव इससे भी इंकार कर रहा है। पूछताछ के दौरान डीपी यादव ने पुलिस को बताया कि दिल्ली-एनसीआर के अलावा कई अन्य राज्यों में उसकी पांच हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति है।
सूत्रों का दावा है कि डीपी यादव के पास उसके पास इससे कहीं अधिक संपत्ति है, जो उसने इसी तरह की काली कमाई से बनाई है। पुलिस रिमांड पर लेकर इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है।
बता दें कि भजनपुरा इलाके में सट्टा रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए दो किंगपिन ने बताया था कि वह संरक्षण के बदले डीपी यादव को रोजाना दो लाख रुपये देते थे।