{"_id":"571b79ac4f1c1b2e228b46f3","slug":"different-cases-of-fraud-registered-in-gurgaon-commssionery","type":"story","status":"publish","title_hn":"कमिश्ररी में अलग-अलग धोखाधड़ी के पांच मामले दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कमिश्ररी में अलग-अलग धोखाधड़ी के पांच मामले दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 24 Apr 2016 09:17 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साइबर सिटी में धोखाधड़ी की घटनाऐं थमने का नाम नहीं ले रहा है। कमिश्ररी की अलग-अलग थाना पुलिस ने चार मामलों में आर्थिक अपराध शाखा की जांच रिपोर्ट के मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
पहला मामला डीएलएफ फेज-वन थाना क्षेत्र का है। डीएलएफ फेज-वन के रहने वाले सुनील त्रेहन ने एमआरलैंड एस्टेट (एमआर एमजीएफ) पर फ्लैट के नाम पर 43 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। अपनी शिकायत में पीड़ित ने बताया है कि सात साल पहले उन्होंने सिकंदरपुर चौक सेक्टर-28 स्थित कंपनी के कॉरपोरेट ऑफिस में फ्लैट के सिलसिले में संपर्क किया।
विज्ञापन
उस दौरान कंपनी की ओर से बताया गया कि फ्लैट आसान किस्तों में उपलब्ध है और बहुत जल्द फ्लैट को हैंडओवर कर दिया जाएगा। पुलिस को दी गई शिकायत में सुनील ने बताया है कि इस दौरान उन्होंने फ्लैट के लिए कुल 43 लाख रूपए कई किस्तों में जमा किया।
विज्ञापन
रोप है कि इतने साल बीत जाने के बाद उन्हें फ्लैट नहीं मिला। अब कंपनी न तो फ्लैट दे रही है और न ही पैसे वापस किए जा रहे हैं। जांच अधिकारी एएसआई हरि सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर इसकी जांच की जा रही है। इसकी प्रारंभिक जांच आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की गई जिसमें आरोप सही पाए। इसके आधार पर डीएलएफ फेज-वन थाना में केस दर्ज किया गया।
मेट्रो में नौकरी के नाम पर 30 लाख ठगे
दूसरा मामला सिटी थाना क्षेत्र का है। यहां एक व्यक्ति ने दिल्ली मैट्रो में जॉब लगाने के नाम पर 30 लाख रूपए ठग लिए। करीब 2 साल पहले मानेसर निवासी जगदेव का वैस्ट राजीव नगर निवासी जगदीश नाम के व्यक्ति से स पर्क हुआ था। उस दौरान जगदेव ने अपने परिवार के एक सदस्य की जॉब के लिए जगदीश से बात की।
पुलिस के अनुसार अपनी शिकायत में जगदेव ने बताया है कि आरोपी ने दिल्ली मैट्रो में जॉब लगाने की बात कही और बताया कि इसमें खर्च आएगा। आरोप है कि पीड़ित ने आरोपी को 30 लाख रूपए दिए। दो साल बीत जाने के बाद न तो जॉब लगा और न ही पैसे वापस किए जा रहे हैं।
जांच अधिकारी एएसआई बलराज ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद ईओडब्लू द्वारा इसकी जांच की गई जिसमें मामला सही पाया गया। इओडब्लू की जांच के आधार पर सिटी थाना में जगदीश के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इसी क्रम में सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक महिला से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
महिला की शिकायत पर पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला का आरोप है कि उक्त तीनों व्यक्तियों ने उससे धोखे से पैसे ले लिए। पुलिस के अनुसार पीड़िता सुनीता शर्मा ने विक्रम पुरी, रमन पुरी और वरूण आहूजा पर आरोप लगाया है जिसके आधार तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
प्लाट के नाम पर ठगी
तीसरा मामला सुशांतलोक थाना क्षेत्र का है जहां एक व्यक्ति ने एक प्लॉट को कई लोगों को बेच दिया। आशा राठी सेक्टर-47 में रहती हैं। उन्होंने दो व्यक्तियों पर प्लॉट के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। जांच अधिकारी एएसआई सुभाष ने बताया कि प्लॉट अंसल का है जिसे सत्यनारायण नाम के व्यक्ति ने ली थी।
पुलिस के अनुसार इस प्लॉट को सत्यनारायण ने विक्रम नाम के व्यक्ति के अलावा अन्य दो लोगों को बेच दिया। वही प्लॉट विक्रम ने आशा को ा बेच दिया। जब पीड़िता ने वहां पर कार्य कराना शुरू किया तो अंसल की ओर से आपत्ति की गई। जब मामले की जांच की गई तो पाया गया कि प्लॉट को लेकर पीड़िता के साथ धोखाधड़ी की गई है।
जांच अधिकारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर सत्यनारायण और विक्रम के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है। वहीं प्रमिला सिंह नाम की महिला ने यूनिवर्सल बिल्डवेल प्रा.लि. पर लैट के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। आरोप है कि पीड़िता ने कंपनी के ऑफिस में स पर्क कर लैट बुक कराया था लेकिन तय समय के बाद भी फ्लैट नहीं मिला और पैसे भी वापस नहीं किए जा रहे हैं।