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पुलिस ने कनाडा से मंगाई सुनंदा-थरूर के मोबाइल की चैटिंग डिटेल
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 27 Sep 2016 10:13 AM IST
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दिल्ली पुलिस ने कनाडा पत्र लिखकर कांग्रेसी नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री शशि थरूर और उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर के मोबाइलों से हटाई गई चैटिंग की डिटेल मांगी है।
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दिल्ली पुलिस ने कनाडा के न्याय विभाग को अनुरोध पत्र लिखकर रिसर्च इन मोशन लिमिटेड(ब्लैकबैरी) से चैट संदेशों की डिटेल उपलब्ध कराने के लिए कहा है। दिल्ली पुलिस को उम्मीद है कि कनाडा से हटाए गए चैटिंग मैसेज का विवरण जल्द ही मिल जाएगा।
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गौरतलब है कि वरिष्ठ पत्रकार नलिनी सिंह ने मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी को बताया था कि उन्होंने सुनंदा व शशि थरूर के साथ चैट की थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि थरूर और पाकिस्तान पत्रकार मेहर तरार ने कथित तौर पर संदेशों का आदान-प्रदान किया था।
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इन्हें थरूर के ब्लैकबैरी मोबाइल फोन से हटा दिया गया था। पुलिस को अभी ये पता नहीं लगा कि चैटिंग को किस ने हटाया था। गौरतलब है कि 51 वर्षीय सुनंदा पुष्कर दक्षिण दिल्ली के एक पांच सितारा होटल के एक कमरे में 17 जनवरी, 2014 को मृत मिली थी।
प्रेम प्रसंग को लेकर हुई थी ट्विटर पर तकरार
सुनंदा पुष्कर के मृत मिलने से एक दिन पहले थरूर के साथ मेहर तरार के प्रेम प्रसंग को लेकर उनकी उसके साथ ट्विटर पर तकरार हुई थी। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की थी।
छह लोगों का पोलीग्राफ टेस्ट भी कराया था। इस मामले में थरूर का घेरलू सहायक नारायण सिंह, चालक बजरंगी और थरूर दंपति का करीबी दोस्त संजय दीवान समेत छह मुख्य गवाह है।
दिल्ली पुलिस ने सुनंदा की मौत को लेकर जनवरी, 2015 में हत्या का मामला दर्ज किया था। नंबवर, 2015 में दिल्ली पुलिस को एफबीआई से मिली रिपोर्ट में पोलोनियम जहर की वजह से हुई मौत की बात को खारिज किया गया है। इस मामले में अंतिम निष्कर्ष के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है।
छह लोगों का पोलीग्राफ टेस्ट भी कराया था। इस मामले में थरूर का घेरलू सहायक नारायण सिंह, चालक बजरंगी और थरूर दंपति का करीबी दोस्त संजय दीवान समेत छह मुख्य गवाह है।
दिल्ली पुलिस ने सुनंदा की मौत को लेकर जनवरी, 2015 में हत्या का मामला दर्ज किया था। नंबवर, 2015 में दिल्ली पुलिस को एफबीआई से मिली रिपोर्ट में पोलोनियम जहर की वजह से हुई मौत की बात को खारिज किया गया है। इस मामले में अंतिम निष्कर्ष के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है।