DU छात्रा से चलती बस में अश्लील हरकत करने वाले के बारे में बताने पर मिलेगा 25 हजार का इनाम
गौरतलब है कि 7 फरवरी को राजधानी में कॉलेज से घर लौट रही डीयू की छात्रा से चलती क्लस्टर बस में बराबर की सीट पर बैठे शख्स ने छेड़छाड़ की थी। परेशान छात्रा ने चिल्लाकर यात्रियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई मदद को नहीं आया।
छात्रा ने समझदारी दिखाते हुए पूरी वारदात का अपने मोबाइल से वीडियो बना लिया। छात्रा ने दिल्ली पुलिस आयुक्त, मुख्यमंत्री और महिला आयोग समेत अन्य लोगों को वीडियो ट्विटर पर टैग किया। लेकिन तीन दिन तक उसकी खबर नहीं ली गई।
आखिर 10 फरवरी को महिला आयोग ने छात्रा से संपर्क कर वसंत विहार थाने मामला दर्ज करवाया। छात्रा का आरोप है कि थाने में उसे छह घंटे तक बिठाए रखा गया।
Delhi Police announce reward for anyone who gives information of the man who was allegedly masturbating sitting next to a girl inside a bus pic.twitter.com/TfHMHo7LZq
— ANI (@ANI) February 17, 2018
किसी भी यात्री ने उसकी मदद नहीं की
पुलिस के मुताबिक 20 वर्षीय छात्रा परिवार के साथ दक्षिण दिल्ली में रहती है। वह डीयू के साउथ कैंपस के एक कॉलेज में बीए की छात्रा है। गत 7 फरवरी को वह कॉलेज से घर जाने के लिए रूट नंबर-774 की कलस्टर बस में सवार हुई थी।
छात्रा अगले गेट से चढ़कर दूसरी महिला सीट पर बैठ गई। छात्रा के बैठते ही करीब 40 वर्षीय शख्स उसके बराबर में आकर बैठ गया और छात्रा के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। आरोपी की हरकत देखकर छात्रा ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
बस में उस समय करीब 20 से 25 लोग मौजूद थे। छात्रा का आरोप है कि किसी भी यात्री ने उसकी मदद नहीं की। आखिर छात्रा ने साहस जुटाकर अपने मोबाइल फोन से आरोपी की हरकत का वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
छात्रा के मुताबिक आरापी आईआईटी के बस स्टैंड पर उतरकर चला गया। पीड़िता अपने घर पहुंची। छात्रा ने घटना का वीडियो अपने ट्विटर पर टैग करते हुए वीडियो मुख्यमंत्री, दिल्ली पुलिस आयुक्त, महिला आयोग व अन्य लोगों को टैग कर दिया।
महिला आयोग की मध्यस्थता के बाद मामला दर्ज
पीड़िता का आरोप है कि तीन दिन बीत जाने के बाद महिला आयोग की टीम ने उससे संपर्क किया। महिला आयोग के कहने पर छात्रा शनिवार को वसंत विहार थाने पहुंची। छात्रा का आरोप है कि उसे वहां पर छह घंटे तक बिठाया गया।
मामले की जांच के दौरान एक महिला सिपाही ने उससे पूछा कि उसके साथ जो हरकत हुई क्या उसे किसी ने देखा है। पीड़िता का आरोप है कि थाने में उससे अजीब-अजीब तरह के सवाल किए गए।
पुलिसकर्मियों की बातों से लग रहा था कि वह मामला दर्ज करने को तैयार नहीं है, लेकिन बाद में मामला दर्ज कर लिया गया। हालांकि पांच दिन से अधिक बीत जाने के बाद भी आरोपी का सुराग नहीं लग पाया है।
पीड़िता 10 फरवरी को थाने आई थी, उसकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई। छह घंटे थाने में बिठाए जाने की बात गलत है। कंप्यूटर में खराबी के कारण एफआईआर की कॉपी उसे नहीं मिल सकी, जिसकी वजह से उसे थाने रुकना पड़ा। हालांकि छात्रा से एफआईआर की कॉपी घर पहुंचाने के लिए कहा गया था। फिलहाल वीडियो के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है।-मोनिका भारद्वाज, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, दक्षिण-पश्चिम जिला