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क्राइम ब्रांच ने दबोचा शातिर एमबीए ठग, महाराष्ट्र के बैंकों को लगाया करोड़ों का चूना

Thu, 04 Aug 2016 06:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 04 Aug 2016 06:24 PM IST
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crime branch arrested vicious criminal, made fraud with banks
Jail Shimla

महाराष्ट्र के बैंकों से करीब पांच करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक शातिर ठग को दबोचा है। आरोपी की पहचान नवी मुंबई निवासी शैलेश हरेंद्र सिन्हा उर्फ पवन सक्सेना (43) के रूप में हुई है। 

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मुंबई पुलिस के कहने पर अपराध शाखा ने कार्रवाई करते हुए शैलेश को दिल्ली के बक्करवाला से दबोचा है। पुलिस की माने तो शैलेश पटना यूनिवर्सिटी से एमबीए किए  हुए है। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि मुंबई में सिक्योरिटी गार्ड बोर्ड महाराष्ट्र ने गोखले रोड, दादर, मुंबई स्थित कॉरपोरेशन बैंक में कर्मचारियों के खाते से पीएफ काटकर बैंक में जमा करवाया गया था। 
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इसी शाखा में शैलेश व उसके दो साथ अमित पटेल और समीर कपाडिया ने अपनी एक फर्जी कंपनी के नाम से खाता खोल लिया। बाद में सिक्योरिटी गार्ड बोर्ड महाराष्ट्र के फर्जी पत्र पर पीएफ के खाते से दो करोड़ का लोन प्राप्त कर लिया।

पहले भी बैकों से ठगी के आरोप में हो चुका है गिरफ्तार

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Jail

जब तक बैंक को पता चला आरोपी रुपये निकालकर फरार हो गए। इधर, पनवेल सिटी में भी इसी तरह आरोपियों ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। वारदात के बाद से आरोपी दिल्ली आकर छुप गया।

इधर, मुंबई पुलिस ने दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा से शैलेश को दबोचने के लिए मदद मांगी। एसीपी संजय सहरावत और इंस्पेक्टर पीसी यादव की टीम ने मामले की छानबीन शुरू कर दी।

टेक्नीकल सर्विलांस से पुलिस ने आरोपी शैलेश की लोकेशन बापरौला गांव के आसपास की मिली। पुलिस ने आकाश विहार, बक्करवाला से आरोपी को दबोच लिया। शैलेश ने ठगी की बात स्वीकार की। 

शैलेश ने बताया कि उसने पटना विश्वविद्यालय से वर्ष 2003 में एमबीए किया था। इसके बाद उसने नौकरी शुरू की। बाद में नौकरी छोड़कर उसने मुंबई में कारोबार भी शुरू किया लेकिन वह भी नहीं चल सका। 

पहली बार वह 2013 में 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी में गिरफ्तार हुआ। इसके बाद उसने छह लाख की चीटिंग भी की। अब उस पर पांच करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस इससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

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